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    सोनू शाह हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी बरी; तीन दोषी करार; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गैंगस्टर ने दी गवाही

    Updated: Wed, 18 Feb 2026 05:21 PM (IST)

    मोहाली की जिला अदालत ने बहुचर्चित सोनू शाह हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह पुलिस के ...और पढ़ें

    सोनू शाह हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी बरी। फाइल फोटो

    सोनू शाह हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी बरी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी सोनू शाह हत्याकांड में बरी।

    2. तीन शूटर शुभम, मंजीत, राजन दोषी, 20 फरवरी को सजा।

    3. पुलिस लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सबूत पेश करने में विफल रही।

    जागरण संवाददाता, मोहाली। शहर के बहुचर्चित सोनू शाह हत्याकांड में पुलिस को बड़ा झटका लगा है। इस केस के मुख्य आरोपित और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपितों को जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

    हालांकि, इस मामले में तीन शूटरों शुभम, मंजीत और राजन उर्फ जाट को दोषी करार दिया गया है। उन्हें 20 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। बरी होने वालों में लॉरेंस के अलावा गैंगस्टर दीपक रंगा, अभिषेक उर्फ बंटी, राजू बसोदी और धर्मेंद्र शामिल हैं। दीपक रंगा का नाम कई बड़ी वारदातों में आ चुका है।

    पंजाब इंटेलिजेंस की मोहाली स्थित बिल्डिंग में आरपीजी अटैक मामले में भी वह आरोपित है। सोनू शाह हत्याकांड में पुलिस लॉरेंस बिश्नोई की भूमिका साबित नहीं हो सकी।

    अन्य आरोपितों के खिलाफ भी पुलिस के पास पुख्ता सबूत नहीं थे। इससे पहले पुलिस ने कहानी बनाई थी कि लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर कुछ शूटरों ने सोनू शाह की बुड़ैल स्थित उसके ऑफिस में घुसकर हत्या कर दी थी।

    गैंगस्टर ने क्या दी सफाई?

    28 सितंबर 2019 को शूटर सोनू शाह के बुड़ैल स्थित ऑफिस में घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गए थे। वारदात के कुछ दिनों बाद सभी शूटर पकड़े गए थे। उनके बयानों पर पुलिस ने लॉरेंस को भी आरोपित बना लिया था।

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    सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही दी। उसने अदालत को बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से जेल में बंद है और इस मामले के अन्य आरोपितों से उसका कोई संबंध नहीं है।

    लॉरेंस ने कहा कि उसके पास से कोई भी संचार उपकरण बरामद नहीं हुआ और उसे केवल इसलिए फंसाया गया क्योंकि उसने और उसके समुदाय ने राजस्थान में काले हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।