पहाड़ों पर बारिश से चंडीगढ़ में सुखना लेक लबालब, खुल सकता है फ्लड गेट; पंचकूला व मोहाली को किया अलर्ट
शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार बारिश से सुखना लेक का जलस्तर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है, जिससे फ्लड गेट खुलने की संभावना है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पंचकूल ...और पढ़ें

सुखना लेक का जलस्तर बढ़कर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है।
HighLights
सुखना लेक का जलस्तर 1158.5 फीट तक पहुंचा।
1163 फीट पर खुलते हैं लेक के फ्लड गेट।
पंचकूला, मोहाली को बाढ़ के खतरे का अलर्ट।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ की लाइफलाइन सुखना लेक में सूखे की दरारें भर चुकी हैं। अब तो नौबत यह आने वाली है कि लेक वर्षा के जल से लबालब होने वाली है। शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश का यह पानी सुखना कैचमेंट एरिया से होकर सुखना लेक में पहुंच रहा है। इससे लेक का जलस्तर बढ़कर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन भारी बारिश की संभावना जताई है। इसको देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन भी अलर्ट पर है। साथ ही पंचकूला और मोहाली प्रशासन को भी अलर्ट भेजा गया है। इसके अलावा सुखना चौ के आस-पास आबादी एरिया में भी अलर्ट किया गया है।
सुखना रेगुलेटरी एंड पर सीसीटीवी कैमरे के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके अलावा इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने टीम भी मुस्तैद की है। हालांकि लेक के फ्लड गेट 1163 फीट पर खुलते हैं। 1162.5 फीट को खतरे के निशान से ऊपर माना जाता है।
भले ही अभी लगभग चार फिट का अंतर है। लेकिन भारी बारिश में चार फिट बढ़ने में कुछ घंटे ही लगते हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट करते हुए तैयारी शुरू कर दी है।
फ्लड गेट खतरे के निशान पर ही खुलेंगे
फ्लड गेट एकदम पीक प्वाइंट पर पानी पहुंचने से पहले ही खोले जाएंगे। ऐसा इसलिए कि अगर बिल्कुल अंतिम छोर पर पहुंचने के बाद फ्लड गेट खुले तो पानी बड़े स्तर पर छोड़ना पड़ेगा। इससे आगे बापूधाम, इंडस्ट्रियल एरिया और मोहाली के बलटाना पुल से पानी टकराने लगता है।
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इससे आबादी एरिया में भी बाढ़ का खतरा रहता है। पहले ऐसा हो भी चुका है। हालांकि, बारिश बहुत ही ज्यादा हो जाए तो फिर फ्लड गेट ज्यादा खोलना मजबूरी हो जाती है।
ज्यादा पानी छोड़ने से सभी पुल के ऊपर लगी रैलिंग और बापूधाम पुल पर पानी की पाइपलाइन तक टूट गई थी। साथ ही बलटाना पुलिस चौकी तक बाढ़ के पानी में डूब गई थी। अब एहतियात के तौर पर पानी फ्लड गेट थोड़े थोड़े खोलकर छोड़ने की योजना है।
रेगुलेटरी एंड की बढ़ी जलक्षमता
इस बार सुखना लेक का रेगुलेटरी एंड बुरी तरह सूख गया था। इसके अलावा मुख्य लेक में भी जगह-जगह सूखा एरिया दिखने लगा था। प्रशासन ने रेगुलेटरी एंड पर गाद निकालने का कार्य करवाया। इससे रेगुलेटरी एंड की जल सहेजने की क्षमता पांच मीटर से अधिक बढ़ गई है।
हालांकि लेक से गाद नहीं निकाली जा सकी है। कई वर्ष पहले 2016 में सुखना लेक का बड़ा हिस्सा बुरी तरह से सूख गया था। बीच में दरारें पड़ गई थी। नौबत यह आ गई थी कि ट्यूबवेलों से पानी लेक में डालना पड़ा। हालांकि इतनी बड़ी लेक में कई ट्यूबवेल चलाने से भी कुछ फर्क नहीं पड़ा।