Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चार साल की सजा के बाद भी विधायक पद पर कायम; हाईकोर्ट में याचिका दायर, 30 मार्च तक पंजाब सरकार से मांगा जवाब

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 05:15 PM (IST)

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की सदस्यता रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने पंजाब ...और पढ़ें

    खडूर साहिब से विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा।

    खडूर साहिब से विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा।

    HighLights

    1. खडूर साहिब विधायक लालपुरा की सदस्यता रद्द करने की मांग।

    2. चार साल की सजा के बावजूद पद पर बने हुए हैं।

    3. हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से 30 मार्च तक जवाब मांगा।

    राज्य ब्यूरो जागरण, चंडीगढ़। पंजाब के खडूर साहिब से विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की विधान सभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। तरनतारन निवासी जसवंत सिंह द्वारा दाखिल इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पंजाब सरकार, संबंधित अधिकारियों और विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को नोटिस जारी कर 30 मार्च तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

    दायर याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2013 में एक महिला के साथ मारपीट तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में तरनतारन की अदालत ने पिछले वर्ष सितंबर में लालपुरा को दोषी करार देते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार सजा सुनाए जाने के बाद से अब तक न तो उनकी सदस्यता समाप्त की गई है और न ही संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का पालन किया गया है।

    यह भी पढ़ें- पंजाब के कपूरथला में ताला लगा देख खिड़की की ग्रिल तोड़ी, व्यापारी के घर से 20 तोले सोना और लाखों रुपये उड़ा ले गए चोर

    याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला

    याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों का हवाला दिया गया है, जिनके अनुसार दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सजा के तत्काल बाद सदस्यता रद्द की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न कर राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकारियों ने कानून की अनदेखी की है।

    याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि लालपुरा को सुनाई गई सजा पर अब तक हाईकोर्ट द्वारा कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया है। ऐसे में दोषसिद्धि प्रभावी रहते हुए उनका विधायक पद पर बने रहना सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- परीक्षा देकर लौटी छात्रा पर मां के मामा ने किया हमला; तेजधार हथियार से काटा, चहरे पर गंभीर चोटें

    संबंधित पक्षों को नोटिस जारी

    जसवंत सिंह ने अदालत से आग्रह किया है कि विधायक की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही यह भी मांग की गई है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार, विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 30 मार्च तक विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। 

    यह भी पढ़ें- रंगला पंजाब का सपना होगा साकार, राज्यपाल ने युवाओं को नशे की गर्त से बचाने के लिए जनता से मांगा सहयोग