कौन हैं संजीव अरोड़ा? ED की कस्टडी में रियल एस्टेट के बेताज बादशाह, क्या है गिरफ्तारी की वजह
पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वे रियल एस्टेट और उद्योग जगत से जुड़े एक प्रमुख व्यवसायी ...और पढ़ें

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा (फाइल फोटो)
HighLights
ईडी ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को किया गिरफ्तार
चंडीगढ़ समेत कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी
रियल एस्टेट व्यवसायी से बने आप के कैबिनेट मंत्री
भूपेंदर सिंह भाटिया, लुधियाना। पंजाब के स्थानीय सरकारें एवं संसदीय कार्य मंत्री संजीव अरोड़ा को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम अरोड़ा से लंबे समय तक पूछताछ करती रही और उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे ईडी की टीमों ने चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-2 आवास समेत दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापामारी शुरू की थी। कार्रवाई के दौरान सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा में तैनात रहे। टीमों ने कई घंटों तक वित्तीय दस्तावेजों, कारोबारी लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की।
प्रवर्तन निदेशालय ने मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी कुछ कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है। इनमें करोड़ोंं रुपये की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के जरिए किए गए फर्जी निर्यात शामिल हैं।
रियल स्टेट का कारोबार संभाल रहे संजीव
औद्योगक शहर लुधियाना के उद्योगपति से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए संजीव अरोड़ा का राजनीतिक सफर पंजाब की राजनीति में एक अलग पहचान बना चुका है। कारोबारी दुनिया में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने सामाजिक सेवा के जरिए जनता से जुड़ाव बढ़ाया और फिर राजनीति में कदम रखा।
संजीव अरोड़ा लंबे समय तक एक्सपोर्ट, रियल एस्टेट और फैशन कारोबार से जुड़े रहे। उनके परिवार का व्यवसाय वस्त्र उद्योग से शुरू हुआ था, जिसे उन्होंने आगे बढ़ाकर कई कंपनियों तक विस्तार दिया। रितेश प्रापर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के रूप में उन्होंने उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के परिधानों के ब्रांड “फेमेला” के जरिए फैशन क्षेत्र में भी निवेश किया।
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2022 में बने राज्यसभा सांसद
10 अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजकर राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी। पार्टी ने उन्हें एक ऐसे चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया, जो उद्योग, विकास और सामाजिक सेवा का अनुभव रखते हों। राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने पंजाब के उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और एयरपोर्ट परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए। खास तौर पर हलवारा एयरपोर्ट और लुधियाना के विकास कार्यों को लेकर उनकी सक्रियता चर्चा में रही।
राजनीति में उनकी कार्यशैली को एक “सुलभ नेता” के तौर पर देखा गया। उद्योगपति होने के बावजूद उन्होंने खुद को केवल कारोबारी छवि तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आम लोगों के मुद्दों पर भी मुखर रहे।
इसके बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। बाद में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर पंजाब की सक्रिय राजनीति में नई भूमिका निभाई। उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में अलग पहचान मिली और उनके पास कई बड़े विभाग हैं। उनकी राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्हें मात्र चार साल हुए हैं।
15 साल पहले बनाया चैरिटेबल ट्रस्ट
कारोबार के साथ-साथ संजीव अरोड़ा सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे। माता-पिता को कैंसर के कारण खोने के बाद उन्होंने कैंसर मरीजों की सहायता के लिए एक चैरिटेबल ट्रस्ट शुरू किया। उन्होंने 15 साल पहले ‘कृष्ण प्राण ब्रेस्ट कैंसर चैरिटेबल ट्रस्ट’ की शुरुआत की, जिसके जरिए कई जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज कराया। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों में योगदान दिया।