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राजा वड़िंग के खिलाफ क्यों है चन्नी गुट? एक बयान ने सुलगा दी पंजाब कांग्रेस में कलह, पढ़ें गुटबाजी की असल वजह

By Ramanjit SinghEdited By: Prince Sharma
Published: Sat, 11 Jul 2026 12:41 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल के प्रयास रंग ला रहे हैं, शनिवार को सुलह की घोषणा संभव है।

पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग (जागरण फाइल)

 पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग (जागरण फाइल)

HighLights

  1. पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी सुलझाने के प्रयास तेज हुए

  2. चन्नी ने दलित समुदाय के उचित प्रतिनिधित्व की वकालत की

  3. शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक में सुलह की संभावना जताई जा रही है

रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के प्रयास अब सुलह की दिशा में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को होने वाली बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें सुलह की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

इस बैठक में दोनों गुट एक मंच पर एकजुटता दिखा सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने इस बैठक से कुछ घंटे पहले एक बार फिर से हाईकमान को अपना संदेश भेजने का प्रयास किया है। चन्नी, जो वंचित समुदाय से हैं, ने पंजाब में दलित भाईचारे को उचित प्रतिनिधित्व देने की वकालत की है। पंजाब में 34 प्रतिशत (2011 की जनगणना के मुताबिक) दलित आबादी है।

इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने मीडिया के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के परिवार से मुलाकात की। बूटा सिंह के बेटे ने स्पष्ट किया कि उनका भाईचारा चन्नी के साथ है और चाहता है कि कांग्रेस उन्हें मजबूती प्रदान करे।

राजा वड़िंग के बयान को लेकर नाराजगी

बता दें कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बयान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसके बाद वंचित वर्ग के भाईचारे से जुड़े कई कांग्रेस नेताओं ने वड़िंग को निशाने पर लिया।

यहां पढ़ें पूरा मामला- दलित नेताओं पर कांग्रेस के बयानों के खिलाफ AAP का चंडीगढ़ में हल्ला बोल

चन्नी ने बूटा सिंह के परिवार के माध्यम से एक बार फिर हाईकमान को संकेत दिया है कि वंचित वर्ग के भाईचारे को उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे कांग्रेस में रहते हुए संघर्ष करेंगे, जिससे उनकी दबाव की रणनीति स्पष्ट होती है। उधर, लोकसभा सदस्य सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह भी चन्नी के साथ रहते हुए भी पंजाब कांग्रेस की इस कलह को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

परगट सिंह के पास दिल्ली से आया फोन

रंधावा ने कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह के साथ अच्छे रिश्ते न होने के बावजूद मुलाकात की और उन्हें सुलह में सहयोग के लिए मनाने का प्रयास किया। अब नाराज़ चन्नी और उनके गुट के नेता शनिवार को राणा गुरजीत सिंह के घर पंजाब प्रभारी से मिलने के लिए तैयार हो गए हैं।

यह बताया जा रहा है कि रंधावा और परगट सिंह के पास दिल्ली से कई वरिष्ठ नेताओं के फोन भी आए। दोनों नेता राजस्थान और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रभारी भी हैं, इस वजह से इनकी ज़िम्मेदारी और बढ़ गई है।

 

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