पेपर लीक के खिलाफ चंडीगढ़ में NSUI और ABVP का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; वाटर कैनन का भी इस्तेमाल
बैरिकेड पार करने की कोशिश पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। ...और पढ़ें
-1785925984334_m.webp)
प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करती पुलिस। फोटो जागरण
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में फार्मेसी परीक्षा को लेकर उठा विवाद बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान सड़कों तक पहुंच गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और पंजाब यूथ कांग्रेस ने अलग-अलग स्थानों से विधानसभा की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया।
पुलिस ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पंजाब यूथ कांग्रेस की ओर से पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर से मार्च पास और नारेबाजी की गई दूसरी और एबीवीपी की ओर से सेक्टर 25 रैली ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन किया गया।
बैरिकेड पार करने की कोशिश पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। एबीवीपी ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड से विधानसभा तक मार्च का आह्वान किया था।
संगठन के कार्यकर्ता मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि राज्य में लगातार भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

सरकार ने पेपर लीक से किया इनकार
संगठन ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्र अपनी आवाज भी शांतिपूर्वक नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, पंजाब सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि फार्मेसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था।
खबरें और भी
सरकार के अनुसार यह हाईटेक नकल का मामला था और घटना के करीब 15 मिनट के भीतर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी दोहरा चुके हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है और हालिया मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि तकनीक के जरिए नकल कराने का था।

विधानसभा घेरने की कोशिश
उधर, पंजाब यूथ कांग्रेस ने भी सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन से विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास किया। प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हुए। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और हल्का लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस भवन से करीब 200 मीटर आगे ही उन्हें रोक दिया गया। इन प्रदर्शनों के कारण विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और किसी भी प्रदर्शनकारी को विधानसभा परिसर के नजदीक नहीं पहुंचने दिया गया। फार्मेसी परीक्षा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है, जहां विपक्ष सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार लगातार यह कह रही है कि परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।