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    पंजाब निकाय चुनाव रिजल्ट 2026: फतेहगढ़ साहिब में आम आदमी पार्टी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस को बड़ा झटका

    Updated: Fri, 29 May 2026 06:00 PM (GMT+05:30)

    फतेहगढ़ साहिब निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने तीनों नगर काउंसिलों में बहुमत हासिल कर 'क्लीन स्वीप' किया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. आप ने फतेहगढ़ साहिब की तीनों नगर काउंसिलों में बहुमत पाया।

    2. कांग्रेस को चुनावों में भारी नुकसान, कई बड़े चेहरे हारे।

    3. भाजपा ने 2021 के मुकाबले इस बार अपनी स्थिति सुधारी।

    जागरण संवाददाता, फतेहगढ़ साहिब। जिले में निकाय चुनाव के नतीजों ने सियासी तस्वीर बदल दी है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने तीनों नगर काउंसिलों में बहुमत हासिल कर लिया। 2021 में खाता भी नहीं खोल सकी भाजपा इस बार कई वार्डों में मजबूत दिखी। शिअद ने भी वापसी का संकेत दिया। बस्सी पठाना और खमाणों में आजाद उम्मीदवारों ने बड़ी पार्टियों को टक्कर दी। शुक्रवार को मतगणना के साथ ही ढोल-नगाड़े बजे और जीत के जश्न जारी रहे।

    शुक्रवार सुबह 8 बजे सरहिंद-फतेहगढ़ साहिब, मंडी गोबिंदगढ़, बस्सी पठाना और खमाणों में गिनती शुरू हुई। प्रत्याशी समर्थकों के साथ केंद्रों के बाहर डटे रहे। जीत की खबर आते ही नारेबाजी और भंगड़ा शुरू हो गया। दोपहर में सरहिंद केंद्र पर आप और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। डीएसपी कुलबीर सिंह ने बीच-बचाव कर माहौल शांत कराया। मंडी गोबिंदगढ़ में री-काउंटिंग पर शिअद नेता गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना ने सवाल उठाए। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया। गर्मी बढ़ने पर समर्थक पेड़ों की छांव में सुस्ताते दिखे।

    23 वार्ड वाली सरहिंद-फतेहगढ़ साहिब नगर काउंसिल में आप ने बढ़त बनाई। सबसे बड़ा उलटफेर वार्ड-15 में हुआ। दो बार प्रधान रहे कांग्रेस के अशोक सूद को आप के आशीष अत्री ने 179 वोट से हरा दिया। दो दशक से लगातार पार्षद रहे कांग्रेस नेता गुलशन राय बाबी को भी हार मिली। उन्हें आप के पवेल हांडा ने 277 वोट से मात दी। हालांकि बाबी की पत्नी प्रवीन कुमारी वार्ड-14 से 195 वोट से जीत गईं। भाजपा और शिअद यहां खाता नहीं खोल सके। पर कई वार्डों में मुकाबला कड़ा रहा।

    29 वार्ड वाली इस काउंसिल में आप ने बहुमत हासिल किया। पूर्व प्रधान हरप्रीत सिंह प्रिंस फिर जीत गए। नामांकन जांच के दौरान उनके खिलाफ सभी विपक्षी उम्मीदवारों के पर्चे रद्द हो गए थे। सिर्फ कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में बचा था। इस पर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए थे। इसी विवाद के बीच वार्ड-9 से तृप्ता सोफत निर्विरोध निर्वाचित हुईं।

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    15 वार्ड वाली काउंसिल में आप ने 9 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत पाया। 2021 में 9 वार्ड जीतने वाली कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई। आजाद उम्मीदवारों ने 3 वार्डों में जीत दर्ज की। भाजपा ने यहां 1 वार्ड जीतकर खाता खोला। शिअद को भी 1 सीट मिली।

    13 वार्ड वाली खमाणों में पिछले चुनाव में आप का खाता नहीं खुला था। इस बार 6 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस को 2 और शिअद को 2 सीट मिली। आजाद उम्मीदवारों ने 4 वार्डों में जीत दर्ज कर सबको चौंकाया। यहां मुकाबला बेहद करीबी रहा।

    क्या बदला इस बार?

    • आप की लहर: सत्ता का फायदा मिला। तीनों काउंसिलों में बहुमत।
    • कांग्रेस को नुकसान: सरहिंद में बड़े चेहरे हारे। बस्सी पठाना में 9 से 1 पर आई।
    • भाजपा की वापसी: 2021 में शून्य थी। इस बार जिले में 4 सीटें जीतीं और वोट बढ़ा।
    • आजादों का जलवा: बस्सी पठाना और खमाणों में 28 में से 7 सीटें जीतीं।