ताजा मामला 16-17 फरवरी की मध्यरात्रि का है, जब हंसला नदी (सरहिंद चो) के शेखुपुरा पुल के नीचे से बड़ी मात्रा में गौमांस और गौवंश के अवशेषों से भरे प्लास्टिक के थैले बरामद हुए। पुलिस ने आननफानन में दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका।
यह भी पढ़ें- पंजाब के एक स्कूल में खामियां उजागर; शिक्षा मंत्री के निर्देश पर छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी
1 अगस्त को फेंके गए थे गौवंश
इससे पहले 1 अगस्त 2025 को सरहिंद बस अड्डे के पास नेशनल हाईवे पर अज्ञात वाहनों से गौवंश को फेंके जाने का मामला सामने आया था। कई पशुओं को तेजधार हथियारों से काटा गया था। इस मामले में भी जांच अब तक किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सकी।
27 नवंबर 2024 को सरहिंद-पटियाला मार्ग पर आदमपुर नहर की पटरी पर अवैध गौकशी पकड़ी गई थी। उस समय कुछ गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। वहीं 23 अगस्त 2024 को मंडी गोबिंदगढ़ में गोमांस से भरा एक ट्रक पकड़ा गया था। धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध में नेशनल हाईवे को दो घंटे से अधिक समय तक जाम रखा था। पुलिस ने कश्मीर निवासी नसीर अहमद वानी और बिलाल अहमद को गिरफ्तार किया था।
यह भी पढ़ें- 9 नगर निगम, 100 से अधिक नगर परिषदों के चुनाव अटके; हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर रोक बढ़ाई, केंद्र के जवाब का इंतजार
पंजाब व कश्मीर के होटलों में होता सप्लाई
पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया था कि गोमांस पंजाब और कश्मीर के होटलों व ढाबों में सप्लाई किया जाना था। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई थी कि पंजाब में अवैध रूप से कटे पशुओं का मांस दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कश्मीर तक भेजा जाता है। सूत्रों के अनुसार छोटे वाहनों में बोनलेस गोमांस की सप्लाई के भी मामले सामने आए हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी खुलकर इस पर बोलने को तैयार नहीं है।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बावजूद सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने में पुलिस की नाकामी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि इस नेटवर्क का गहराई से पर्दाफाश किया जाए, ताकि जिले में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।