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    पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में नशे का कहर, 20 दिन में 9 मौतें; पुलिस से उठा भरोसा तो खुद ही मोर्चे पर आए लोग

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 07:44 PM (IST)

    मंडी गोबिंदगढ़ में 20 दिनों में 9 युवाओं की नशे से संदिग्ध मौतें हुई हैं, जिससे शहर में दहशत है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण लोग खुद नशा तस्करों के ख ...और पढ़ें

    नशा बेचने वाले को पिटाई करते लोग। फोटो जागरण

    नशा बेचने वाले को पिटाई करते लोग। फोटो जागरण

    HighLights

    1. मंडी गोबिंदगढ़ में 20 दिन में 9 संदिग्ध मौतें।

    2. पुलिस की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम बेअसर साबित हुई।

    3. स्थानीय लोगों ने नशा तस्करों के खिलाफ मोर्चा संभाला।

    हितेश शर्मा, मंडी गोबिंदगढ़। लोहा नगरी में नशे से मरने वालों की लाशें मिलना अब आम बात होती जा रही है। बीते 20 दिन में करीब 9 नौजवानों की संदिग्ध मौतों ने शहर को सहमा दिया है। पुलिस के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का यहां कोई असर जमीन पर नहीं दिख रहा।

    नतीजा यह है कि नशा बिकने की वायरल वीडियो और लगातार मिलती लाशों से पुलिस पर से लोगों का भरोसा डोलने लगा है। लोगों ने खुद ही उन इलाकों में नाके लगाने शुरू कर दिए हैं, जहां नशा बिकता है। अब नशेड़ियों और नशा बेचने वालों की पिटाई की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    हालात इतने बेकाबू हैं कि एक हफ्ते में दूसरी बार बुधवार को एसएसपी शुभम अग्रवाल ने खुद मौके पर आकर मंडी गोबिंदगढ़ में सर्च अभियान चलाया। एसएसपी ने मंडी गोबिंदगढ़ के लिए विशेष तौर पर एंटी नारकोटिक्स फ्लाइंग स्क्वायड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस दस्ते को शहर में बेकाबू होते नशे के नेटवर्क को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि नशे पर लगाम लगाने के प्रयास जारी हैं।
    लेकिन लोगों के सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब आम नागरिकों तक को पता है कि नशा कहां बिकता है, तो पुलिस कैसे अनजान है? जो नशा सरेआम बिक रहा है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वही नशा पुलिस के सर्च ऑपरेशन में बरामद क्यों नहीं होता?

    मंडी गोबिंदगढ़ के मास्टर कॉलोनी स्थित ढाहा बस्ती नशे का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बना हुआ है। यहां आसपास के शहरों से भी नशेड़ी नशा लेने आते हैं। पंजाब में ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ के तहत नशा तस्करों की संपत्ति ध्वस्त करने की पहली कार्रवाई भी इसी बस्ती में हुई थी। पुलिस ने यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए, कई बार कासो ऑपरेशन चलाए, लेकिन नशा रुकने का नाम नहीं ले रहा।

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    पुलिस की नाकामी से आहत होकर अब स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभाला है। विकास नगर निवासी हर्ष चीमा ने बताया कि वे किसी पार्टी की तरफ से नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने इलाके को नशा मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मुहिम सफल होती तो शहर में इतनी मौतें न होतीं। लोगों द्वारा नशा लेने आने वालों की पिटाई की वीडियो वायरल हो रही हैं।

    कुछ लोग इसे पुलिस की नाकामी बता रहे हैं तो कुछ स्थानीय लोगों के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। नशा तस्करी के लिये एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। लेकिन जब तक स्रोत पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लाशें मिलती रहेंगी और लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर होंगे, जो एक खतरनाक संकेत है।

    डीएसपी बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने भी वीडियो देखी, किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बल्कि ऐसे शरारती तत्वों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि एंटी नारकोटिक फ्लाइंग स्क्वायड ने मंगलवार को तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशा बिक्री की सूचना पुलिस को दें।