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    फतेहगढ़ साहिब में छात्रों की जान खतरे में, सरहिंद का एक भी आइलेट सेंटर आग से सुरक्षित नहीं, 43 सेंटरों की हुई जांच

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 05:56 PM (IST)

    सरहिंद में 43 आईलेट्स और इमिग्रेशन सेंटरों की फायर सेफ्टी जांच में सभी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। फायर विभाग ने किसी भी सेंटर को सुरक्षित नहीं पाय ...और पढ़ें

    आइलेट सेंटरों की जांच करते अधिकारी। फोटो जागरण

    आइलेट सेंटरों की जांच करते अधिकारी। फोटो जागरण


    HighLights

    1. सरहिंद के 43 आईलेट्स सेंटर फायर सेफ्टी में फेल।

    2. किसी भी सेंटर में फायर एनओसी या सुरक्षा उपकरण नहीं।

    3. विभाग नोटिस जारी करेगा, कार्रवाई की तैयारी में प्रशासन।

    नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। क्लासरूम में करियर के सपने देख रहे हैं, पर जरा सोचिए, आग लगी तो निकलेंगे कैसे? सरहिंद में चल रहे आईलेट्स और इमिग्रेशन सेंटरों में बच्चों की जान इसी सवाल पर टिकी है। शहर के 43 सेंटरों की जांच में फायर विभाग को एक भी सेंटर फायर सेफ्टी नियमों पर खरा नहीं मिला। न एनओसी, न फायर एक्सटिंग्विशर, न निकलने का रास्ता। फीस पूरी, सुरक्षा जीरो।

    यह लापरवाही तब है जब देश में कोचिंग सेंटरों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले ही महीने दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी, बच्चे खिड़कियों से कूदने को मजबूर हुए थे। इससे पहले सूरत में कोचिंग सेंटर में आग से 22 छात्रों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया था।

    अदालत ने साफ कहा था कि कोचिंग सेंटरों को फायर एनओसी के बिना चलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पंजाब सरकार को भी ह्यूमन राइट कमीशन और ज्यूडिशियल रजिस्ट्रार की शिकायत पर 26 जून को पूरे पंजाब में फायर ऑडिट के आदेश जारी करने पड़े।

    इसी आदेश पर सरहिंद फायर ऑफिस ने कार्रवाई शुरू की। फायर ऑफिसर शिव कुमार सैनी के नेतृत्व में फायरमैन अमनदीप सिंह और चरणजीत सिंह की टीम ने पहले चरण में सरहिंद, बस्सी पठाना, चुन्नी और बडाली आला सिंह के 43 आईलेट्स सेंटरों की जांच की। रिपोर्ट चौंकाने वाली है।

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    ज्यादातर सेंटर पहली-दूसरी मंजिल पर चल रहे हैं। एक ही संकरे दरवाजे से आना-जाना। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर है ही नहीं। फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, इमरजेंसी एग्जिट बोर्ड, कहीं कुछ नहीं। बच्चों को एक कमरे में ठूंस कर पढ़ाया जा रहा है, पर आग लगी तो भागने की जगह तक नहीं।

    फायर ऑफिसर शिव कुमार सैनी के अनुसार सरहिंद क्षेत्र में चल रहे सभी 43 सेंटर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। विभाग बुधवार से नोटिस जारी करने की तैयारी में है। पहले नोटिस में 15 दिन का समय दिया जाएगा।

    पहली बार में गलती न सुधारने वालों को 7 दिन का दूसरा नोटिस और फिर प्रशासन की तरफ से फाइनल 3 दिन का नोटिस जिसके बाद डीसी सेंटर्स को सीज करने का आर्डर भी दे सकती हैं। आइलेट सेंटर्स के बाद स्कूलों, अस्पतालों, होटलों, ढाबों, मैरिज पैलेस सहित सभी कामर्शियल इमारतों तक इस जांच का दायरा पुहंचेगा। इस जांच के चलते यह भी सामने आ जाएगा कि शहर की इमारतें कितनी सुरक्षित हैं।

    सवाल यह है कि क्या नोटिस से जान बचेगी? अभिभावक लाखों रुपये विदेश भेजने की तैयारी में अपने बच्चों को इन सेंटरों में भेज रहे हैं, उन्हें अंदाजा भी नहीं कि उनका बच्चा किस खतरे में बैठा है। प्रशासन को नोटिस की औपचारिकता से आगे बढ़कर सख्ती दिखानी होगी। हादसे के बाद कार्रवाई का कोई मतलब नहीं रह जाता।