फतेहगढ़ साहिब में पानी छोड़ते ही फिर टूटा नवनिर्मित पक्का सूआ, खेतों में भरा पानी; गुस्साए किसानों ने किया प्रदर्शन
बस्सी पठाणा के गुनिया माजरी गांव में नवनिर्मित पक्का सूआ पानी छोड़ते ही दोबारा टूट गया, जिससे किसानों के खेतों में पानी भर गया और उन्होंने प्रदर्शन कि ...और पढ़ें

पानी छोड़ते ही फिर टूटा नवनिर्मित पक्का सूआ। फोटो जागरण
HighLights
नवनिर्मित पक्का सूआ पानी छोड़ते ही दोबारा टूट गया।
खेतों में पानी भरने से किसानों ने कड़ा रोष जताया।
घटिया निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया।
दीपक सूद, फतेहगढ़ साहिब। बस्सी पठाणा उपमंडल के अंतर्गत पड़ते गांव गुनिया माजरी में सरकार द्वारा हाल ही में नया बनाया गया पक्का सूआ (सिंचाई रजवाहा) पानी छोड़ते ही एक बार फिर टूट गया। सूए की दीवार टूटने के कारण भारी मात्रा में पानी साथ लगते किसानों के खेतों में घुस गया।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) जिला यूथ विंग के किसान नेता इकबाल सिंह गोपालो, किसान स्वर्णजीत सिंह, नरेंद्र सिंह चीमा, बलवीर सिंह, अजीत सिंह, परविंदर सिंह, हरमनजोत सिंह, संदीप सिंह, जत्थेदार कुलदीप सिंह, नवजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों ने पंजाब सरकार, सिंचाई विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ा रोष जताया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सूआ निर्माण कार्य के दौरान भी एक बार टूट गया था। उस समय ठेकेदार ने मौके पर आकर किसानों को आश्वासन दिया था कि आगे से घटिया सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और मिट्टी की मजबूती से भराई की जाएगी। हालांकि, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति करके काम निपटा दिया, जिसके परिणामस्वरूप पानी का दबाव पड़ते ही यह दोबारा टूट गया।
70 सालों में कभी नहीं टूटा
स्थानीय बुजुर्गों और ग्रामीणों का कहना है कि गांव का पुराना कच्चा सूआ पिछले 70 वर्षों से लगातार चल रहा था। ओवरफ्लो होने के बावजूद वह 70 सालों में कभी नहीं टूटा। लेकिन सरकार द्वारा पक्का करने के नाम पर किए गए इस निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण पहली बार पानी छोड़ते ही यह बह गया।
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मिट्टी बेचकर भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप
किसानों ने प्रशासन और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सूए की दीवारों को मजबूत करने के लिए मिट्टी लगाने की जगह, वहां से कई ट्रक मिट्टी बाहर बेच दी गई। किसानों ने मांग की है कि इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जांच बिठाकर सख्त कार्रवाई की जाए।