धमाके से दहला अबोहर, घर की छत व दुकानों के शटर उड़े; तीन गंभीर घायलों को किया गया रेफर
अबोहर में घर की दुकानों में धमाके और आग से तीन लोग गंभीर झुलसे। दुकानों के शटर उड़ गए। प्रारंभिक जांच में जनरेटर से चिंगारी कारण बताई गई, जबकि पुलिस म ...और पढ़ें

धमाके के बाद घर में फैला मलबा।
HighLights
अबोहर में दुकानों में जोरदार धमाका, पांच लोग घायल।
तीन गंभीर रूप से झुलसे, फरीदकोट अस्पताल रेफर किए गए।
जनरेटर चिंगारी या पोटाश सामग्री से धमाके की आशंका।
संवाद सहयोगी, अबोहर। अबोहर के पटेल पार्क के निकट मंगलवार रात एक घर में बनी दुकानों में अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि दुकानों के शटर तक उड़ गए और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के साथ ही आग भी भड़क उठी, जिससे घर में मौजूद तीन लोग बुरी तरह झुलस गए।
हादसे में घर की पूजा करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गई, जबकि उसकी माता नीलम और भाई दीपक भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए। वहीं धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सामने स्थित एक ढाबा संचालक और एक ग्राहक भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर एकत्रित हो गए और राहत कार्य शुरू किया।
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धमाके के बाद लगी आग।
घायलों को फरीदकोट रेफर किया गया
सूचना मिलते ही अग्निशमन दल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से झुलसे लोगों को रात में ही फरीदकोट रेफर कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, घर में पोटाश और पटाखों जैसी सामग्री भारी मात्रा में जमा थी, जिससे आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ और मकान को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गुरमीत सिंह और अशवंत सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
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जनरेटर से निकली चिंगारी बनी कारण
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुकान में रखे जनरेटर से चिंगारी निकलने के कारण आग लगी। बताया जा रहा है कि वहां गन्ने का रस निकालने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल किया जाता था। साथ ही दुकान में रखी गैस बनने वाली बोतलों के कारण धमाका और अधिक तेज हो गया।
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वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि केवल इस कारण को मानना मुश्किल है। शुरुआत में सिलेंडर फटने की भी आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच में यह साफ हुआ कि ढाबे पर रखे सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे और उनका इस हादसे से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।