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    Punjab Weather: मार्च में ही अप्रैल जैसी तपिश, बढ़ी गर्मी से जनजीवन प्रभावित; पंजाब में कैसा रहेगा आज का मौसम?

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 07:00 AM (IST)

    पंजाब में मार्च महीने में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस हो रही है। फाजिल्का में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जनवरी और फरवरी में बारिश न होन ...और पढ़ें

    मार्च में ही पंजाब में 33 डिग्री पहुंचा तापमान (फाइल फोटो)

    मार्च में ही पंजाब में 33 डिग्री पहुंचा तापमान (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मार्च में ही पंजाब में 33 डिग्री पहुंचा तापमान

    2. सूखे जनवरी-फरवरी के कारण गर्मी का जल्दी आगमन

    3. किसानों और आम लोगों पर बढ़ती गर्मी का असर

    जागरण संवाददाता, फाजिल्का। पंजाब में भले ही अभी महीना मार्च का चल रहा है, लेकिन तापमान अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि मार्च के पहले हफ्ते में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया हो। दोपहर के समय तेज धूप और उमस से लोगों के पसीने छूटने लगे हैं, जबकि रात में अभी भी हल्की ठंडक बनी हुई है।

    मौसम विभाग ने इस सप्ताह किसी भी तरह की बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। फाजिल्का जिले की बात की जाए तो इस बार जनवरी और फरवरी का महीना पूरी तरह से सूखा रहा। अमूमन इन दो महीनों में चार से पांच अच्छी वर्षा हो जाती हैं, जिससे मौसम में नमी आती है और ठंडक लंबे समय तक बनी रहती है। लेकिन इस साल दोनों महीनों में एक बार भी आसमान से राहत नहीं बरसी।

    इसी वजह से तापमान तेजी से बढ़ता गया और गर्मी ने मार्च की शुरुआत में ही दस्तक दे दी। होली के दिन भी लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी का एहसास हुआ। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।

    एक से नौ मार्च तक जिले का तापमान

    तारीख अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
    1 मार्च 28 12
    2 मार्च 29 13
    3 मार्च 29 12
    4 मार्च 30 14
    5 मार्च 31 16
    6 मार्च 31.5 16
    7 मार्च 32 17
    8 मार्च 32.5 17
    9 मार्च 33 18

    ग्राहक सुबह या शाम को ही निकल रहे: दुकानदार

    कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक सुबह या शाम को ही आ रहे हैं, जबकि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा सा नजर आता है। लोग चेहरे ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर जरूरी काम निपटाने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है क्योंकि धूप सीधी पड़ते ही थकावट और चक्कर आने जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी सलाह दी गई है कि दोपहर एक से शाम चार बजे के बीच धूप में कम निकलें और पानी का भरपूर सेवन करें।

    किसानों पर बढ़ती गर्मी का असर

    लगातार बढ़ रही गर्मी का सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है। खेतों में गेहूं की फसल पर तापमान का असर स्पष्ट दिखने लगा है। किसानों का कहना है कि तेज धूप और हवा के कारण खेतों में नमी तेजी से घट रही है, जिससे बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा पशुओं पर भी गर्मी का प्रभाव दिखाई दे रहा है। दिन में चारा कम खा रहे हैं और कई पशुपालकों को उनके लिए ठंडे पानी और छाया की व्यवस्था करनी पड़ रही है। अगर आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो फसलों की पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है।

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    दोपहर की धूप से बचें, पानी अधिक पिएं

    तेजी से बढ़ते तापमान को देखते हुए सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. एरिक ने कहा कि दोपहर की धूप सीधे शरीर पर पड़ने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान और सिरदर्द की शिकायतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोग एक से चार बजे के बीच धूप में कम निकलें, अगर निकलना पड़े तो सिर पर कपड़ा रखें और आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं। साथ ही दिन में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पिएं। गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है।

    हल्की सिंचाई व खेतों में नमी बनाए रखना जरूरी

    कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी गई है कि फसल को तेज धूप से बचाने के लिए हल्की-हल्की सिंचाई नियमित अंतराल पर करते रहें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। अधिकारी ने बताया कि गर्म हवा और तेज धूप में खेत तेजी से सूखते हैं, जिससे दाने भरने पर असर पड़ सकता है। किसान खेतों में अनावश्यक पानी न खड़ा होने दें। पशुओं को भी ठंडा पानी और छाया उपलब्ध कराना जरूरी है।