'टक्कर लगते ही हवा में उछले... और केबिन में जा घुसे 5 लोग', फिरोजपुर हादसे की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां
फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर मालवाहक पिकअप गाड़ी के डबल डेकर बनाकर सवारियां ढोने से हुए भीषण हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 18 से अधिक घायल हो गए। ...और पढ़ें

फिरोजपुर हादसे की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां (एजेंसी फोटो)
HighLights
फिरोजपुर में मालवाहक पिकअप हादसे में 9 लोगों की मौत
अवैध डबल डेकर वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां ढोई गईं
सुरक्षा नियमों की अनदेखी से हुए हादसों पर गंभीर चिंता
कपिल सेठी, फिरोजपुर। मालवाहक वाहनों का सवारियां ढोने के लिए इस्तेमाल लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। नियमों को ताक पर रखकर इन वाहनों को डबल डेकर बनाकर दर्जनों लोगों को भरने का खतरनाक चलन अब खुलेआम मौत को न्योता देने जैसा बन चुका है।
दुखद पहलू यह है कि लगातार सामने आ रहे भीषण हादसों के बावजूद न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही संबंधित विभाग इस पर प्रभावी रोक लगाने में सफल दिखाई दे रहे हैं।
जिले में लगातार पिकअप गाड़ी, ट्रैक्टर ट्राली व टाटा मैजिक छोटा हाथी वाहनों में आम तौर पर सवारियों को ढोते हुए देखा जाता है तो वहीं कई वाहनों में डबल डैकर बनाकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
डबल डैकर के ऊपरी हिस्से में बैठे 5 लाेग टक्कर लगते ही ट्राले के ड्राईवर कैबिन में जा घुसे, हुई मौत
शनिवार को फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर हुआ दर्दनाक सड़क हादसा इसी लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का नतीजा माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार जलालाबाद से ब्यास जा रही एक मालवाहक पिकअप गाड़ी को अवैध रूप से डबल डेकर बनाकर उसमें करीब 30 लोगों को बैठाया गया था। तेज रफ्तार से जा रही यह गाड़ी सामने से आ रहे ट्राले से टकरा गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते खुशियों का सफर मातम में बदल गया। इस भीषण हादसे में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के दौरान जो दृश्य सामने आए, उन्होंने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप के ऊपरी हिस्से में बैठे करीब पांच लोग टक्कर लगते ही हवा में उछलकर सीधे ट्राले के ड्राइवर केबिन में जा घुसे।
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ट्राले का शीशा टूट गया और उसके तेजधार टुकड़े लोगों के शरीर में धंस गए, जिससे कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यदि वाहन को डबल डेकर न बनाया गया होता और उसमें क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाई गई होतीं, तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
बीते वर्ष 11 फरवरी को हुए हादसे में गई थी 11 लोगों की जान
विडंबना यह भी है कि यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले 11 फरवरी 2025 को गांव मोहन के उत्ताड़ में भी ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। उस समय वेटर का काम करने वाले लोग एक मालवाहक टाटा मैजिक ‘छोटा हाथी’ में सवार होकर विवाह समारोह से लौट रहे थे।
रास्ते में उनका वाहन सड़क पर खराब खड़े एक कैंटर से टकरा गया था। उस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे के बाद भी सुरक्षा नियमों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदली।
धार्मिक यात्राओं, विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मालवाहक वाहन
विशेषज्ञों का मानना है कि मालवाहक वाहनों में सुरक्षा इंतजाम यात्रियों के लिए नहीं बनाए जाते। इनमें सीट बेल्ट, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और दुर्घटना से बचाव के जरूरी साधन नहीं होते।
ऐसे में हादसे की स्थिति में जान बचने की संभावना बेहद कम रह जाती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कानून स्पष्ट रूप से मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने पर रोक लगाता है, तो फिर सड़कों पर ऐसे वाहन बेरोकटोक कैसे दौड़ रहे हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर धार्मिक यात्राओं, विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों के लिए लोग खर्च बचाने के चक्कर में मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। यही छोटी बचत कई बार पूरे परिवारों के लिए जिंदगी भर का दुख बन जाती है।
ताजा हादसा एक बार फिर दे रहा चेतावनी
फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर हुआ ताजा हादसा एक बार फिर चेतावनी दे रहा है कि यदि मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने और उन्हें डबल डेकर बनाकर चलाने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक नहीं लगी, तो ऐसी दुर्घटनाएं आगे भी मासूम जिंदगियां निगलती रहेंगी।
जरूरत सिर्फ कानून बनाने की नहीं, बल्कि उसे जमीन पर सख्ती से लागू करने और लोगों में जागरूकता पैदा करने की है, ताकि कोई भी परिवार फिर इस तरह के मातम का शिकार न बने।
वहीं इस संबंध में जब जिला यातायात प्रभारी जसविंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि समय-समय पर मालवाहक वाहनों में सवारियां ढो रहे वाहनों के चालान किए जाते हैं व अपराध की प्रवृर्ति के अनुसार वाहनों को जब्त भी किया जाता है । उन्होंने कहा कि इस वर्ष में अब तक ऐसे 15 से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं।
वहीं उन्होंने बताया कि इस तरह के वाहन का पहली बार में 6500 रुपये, दूसरी बार में 12 हजार रुपये तो तीसरी बार में वाहन जब्त करने का प्रावधान है । इसके अलावा मालवाहक वाहन में ढोई जा रही सवारियों के अनुसार भी अलग से चालान किया जाता है ।