बटाला के भरतप्रीत सिंह ने चीन में गाड़े झंडे, एशियन U-23 एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रो में जीता कांस्य पदक
बटाला के भरतप्रीत सिंह ने चीन में एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता। ...और पढ़ें
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बटाला के भरतप्रीत सिंह ने चीन में गाड़े झंडे (फोटो: जागरण)
HighLights
भरतप्रीत ने एशियन अंडर-23 डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता।
पिता के निधन, गरीबी से जूझकर हासिल की यह सफलता।
कोच बलदीप सिंह के मार्गदर्शन में बने राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक।
जागरण संवाददाता, बटाला। चीन में हुई एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बटाला के भरतप्रीत सिंह ने डिस्कस थ्रो में देश को कांस्य का पदक दिला कर पिता के निधन के बाद गरीबी और संघर्ष को मात देकर बनाई नई पहचान बनाई है। भरत प्रीत सिंह के संघर्षों से भरी कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
भरत प्रीत सिंह ने बताया कि उनके पिता पंजाब पुलिस में कांस्टेबल थे। पिता के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में घिर गया। न तो परिवार को कोई विशेष आर्थिक सहायता मिली और न ही पेंशन का लाभ मिला।
थोड़ी-सी जमीन पर कब्जे और कानूनी लड़ाई के कारण परिवार पर कर्ज बढ़ता गया। हालात ऐसे बने कि जमीन भी कम कीमत पर बेचनी पड़ी और उससे मिले पैसे कर्ज चुकाने में खर्च हो गए।
उन्होंने बताया कि उनकी विधवा मां ने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एसएसपी कार्यालय बटाला में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया था। इसी दौरान भरत प्रीत ने फैसला किया कि वह घर छोड़कर अपने भविष्य के लिए संघर्ष करेगा, ताकि उसकी छोटी बहन को बेहतर शिक्षा और भोजन मिल सके।
इस सोच के साथ वह जालंधर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात कोच बलदीप सिंह से हुई। कोच के मार्गदर्शन में उन्होंने डिस्कस थ्रो की ट्रेनिंग शुरू की और खेल को अपना जुनून बना लिया। भरत प्रीत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में खेल की शुरुआत की थी।
वर्ष 2023 में दक्षिण कोरिया में आयोजित जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। अब चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की है।
भरत प्रीत का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता में मेहनत के साथ-साथ अच्छे कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। फाइनल तक पहुंचने वाले सभी खिलाड़ी प्रतिभाशाली होते हैं, लेकिन पदक वही जीतता है जो सबसे अधिक मेहनत करता है और जिसे सही मार्गदर्शन मिलता है।
वर्तमान में भारत प्रीत रिलायंस फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं और भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर की ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में भारतीय अंडर-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।
भरत प्रीत ने 58.18 मीटर थ्रो फेंककर सचिन सिंह दलाल द्वारा वर्ष 2014 में बनाए गए 58.11 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। उनकी यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।