पंजाब के गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों के बंद का असर, बाजारों में पसरा सन्नाटा; इमरजेंसी सेवाएं जारी
गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर बुलाए गए जिला बंद का व्यापक असर दिखा, जिससे बाजार पूरी तरह बंद रहे, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रही ...और पढ़ें

HighLights
गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बाजार बंद
आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने, वेतन वृद्धि की मांग
बरनाला लाठीचार्ज में डीएसपी पर कार्रवाई की मांग
जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। गुरदासपुर जिले में सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर बुलाए गए जिला बंद का असर देखने को मिला। सफाई कर्मचारी यूनियनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को जिला बंद का आह्वान किया गया था। इसको व्यापार मंडल और अन्य विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन देते हुए अपने-अपने कारोबार और संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की। गुरदासपुर शहर में सुबह से ही बाजार बंद रहे। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं, केमिस्ट और मेडिकल स्टोर, अस्पताल और डॉक्टरी सेवाएं अपने काम करती रहीं।
यूनियन के जिला प्रधान मनीष कुमार, सचिव सोनू सभ्रवाल, रवि, प्रधान बशीर, अश्वनी निक्का और बंटी ने बताया कि 30 जुलाई के बंद को विभिन्न संस्थाओं से पूर्ण समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि करीब तीन सप्ताह से सफाई सेवक पूरे पंजाब में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को मानने की बजाय प्रदेश भर में संघर्षरत सफाई कर्मियों के साथ धक्केशाही कर रही है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि बरनाला में डीएसपी के इशारे पर हड़ताली सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। गौरतलब है कि 22 जुलाई को बरनाला में जिला प्रशासन ने सफाई अभियान चलाया था, जिसका विरोध कर रहे हड़ताली कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यूनियन नेताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि संबंधित डीएसपी को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए और उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग डीएसपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने और उसे नौकरी से बर्खास्त करवाने की होगी। व्यापार मंडल के प्रधान दर्शन महाजन ने कहा कि सफाई सेवकों की जायज मांगों को सरकार को मान लेना चाहिए।
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हालांकि, यूनियन द्वारा शहर की सीवरेज ब्लाक करने की चेतावनी को व्यापार मंडल के हस्तक्षेप के बाद वापस ले लिया गया है, ताकि शहरवासियों को परेशानी न हो। उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मचारी 8 जुलाई से आउटसोर्स कर्मचारियों की नियमित नौकरी, वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।