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गुरदासपुर में पांच दिनों से हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, सड़कों पर में बने कूड़े के पहाड़

Published: Sun, 10 May 2026 02:52 PM (IST)

गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों की पांच दिवसीय हड़ताल से शहर में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे बदबू और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गुरदासपुर में सफाई कर्मचारियों की पांच दिन से हड़ताल जारी

  2. शहर में कूड़े के ढेर, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ा

  3. कर्मचारी नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अड़े

जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। शहर में पिछले पांच दिनों से नगर कौंसिल के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, जिसका असर अब साफ तौर पर सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। हड़ताल के कारण शहर से कूड़ा उठाने का काम पूरी तरह ठप हो गया है। सड़कों के किनारे, नालियों के पास और मोहल्लों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। वहीं घरों से भी कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल के पांचवें दिन शहर के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। गर्मी का मौसम होने के कारण कूड़े के ढेरों से उठने वाली दुर्गंध आसपास के इलाकों में फैल रही है। लोग सड़कों से गुजरते हुए मुंह पर रुमाल या कपड़ा बांधने को मजबूर हैं। बदबू इतनी तीखी हो गई है कि कई जगहों पर राहगीरों की नाक में चुभने लगती है।

इसके अलावा कूड़े पर मक्खियों और मच्छरों का जमावड़ा लग गया है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। आवारा कुत्तों के झुंड कूड़े के ढेरों पर मंडराते रहते हैं, जिससे राहगीरों में डर का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आए हैं, जिसके चलते कूड़ा सड़कों पर ही सड़ रहा है। दुकानों के सामने कूड़े का ढेर लगे हैं। ग्राहक आने से कतरा रहे हैं। बदबू के कारण बैठना मुश्किल हो गया है। गृहिणी सीमा ने बताया कि घर से कूड़ा उठाने कोई नहीं आ रहा, मजबूरन लोग कूड़ा सड़क पर फेंक रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों से बातचीत कर काम शुरू करवाया जाए। डाक्टरों का कहना है कि इस मौसम में कूड़े के ढेरों से डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, लेकिन जब तक कूड़ा नहीं उठेगा, तब तक संक्रमण का खतरा बना रहेगा। हड़ताल के चलते शहर के हजारों लोग रोजाना बेहाल हो रहे हैं।

स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांच दिनों की यह हड़ताल अब नागरिकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि वह सफाई व्यवस्था बहाल कराने के लिए तत्काल कदम उठाए, वरना शहर में महामारी फैलने का खतरा पैदा हो जाएगा। फिलहाल, सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच जारी गतिरोध के कारण शहर गंदगी से जूझ रहा है।

यह हैं मुलाजिमों की मुख्य मांगें

ज्ञात रहे कि सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर 6 मई से अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल के तहत गुरदासपुर के समस्त सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। इसके अलावा कादियां, डेरा बाबा नानक, दीनानगर और धारीवाल में भी समस्त सफाई सेवकों ने पूर्ण हड़ताल कर रखी है।

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के जिला प्रधान मनीश गिल, अस्थायी कर्मचारियों के प्रधान बशीर, रवि, सचिव सोनू सभरवाल और रिंकू का कहना है कि मांगें माने जाने तक हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। उनकी मांगों में अस्थायी ठेका प्रणाली समाप्त कर आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित पदों पर विभाग के अधीन करना, दस साल की नीति को रद कर दर्जा चार कर्मचारियों को उनकी सेवा में तीन साल पूरे होने पर नियमित करना।

23-06-2021 को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर शेष आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत विभाग के अधीन लाना, यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) को रद कर पुरानी पेंशन बहाल करना, नगर कौंसिलों में ईपीएफ योजना लागू करना, तरस आधारित नौकरियां बिना शर्त देना आदि शामिल है। नेताओं का कहना है कि सरकार सफाई कर्मचारियों को बिल्कुल नजरअंदाज कर रही है, जिसके कारण उनमें रोष है। सफाई कर्मियों लंबित पड़ी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।

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