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    'SIR ड्यूटी से परेशान हूं...' कहकर शिक्षक ने नहर में लगा दी छलांग, तलाश में जुटे गोताखोर

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 12:18 AM (IST)

    गुरदासपुर में एसआइआर ड्यूटी के कथित दबाव से परेशान एक सरकारी शिक्षक गुरप्रीत सिंह ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। ...और पढ़ें

    'SIR ड्यूटी से परेशान शिक्षक ने नहर में लगा दी छलांग। फोटो जागरण

    'SIR ड्यूटी से परेशान शिक्षक ने नहर में लगा दी छलांग। फोटो जागरण

    HighLights

    1. गुरदासपुर में शिक्षक ने नहर में कूदकर आत्महत्या की।

    2. एसआइआर ड्यूटी के अत्यधिक काम के बोझ से परेशान था।

    3. घटना ने शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए।

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने कथित तौर पर काम के बोझ से परेशान होकर नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह भट्टियां पुल के पास सामने आई।

    देर शाम को गोताखोरों ने नहर से शिक्षक का शव निकाला। शिक्षक की पहचान गांव सल्लोपुर के गुरप्रीत सिंह पुत्र महिंदर सिंह के रूप में हुई है। वे जिले के भैणी मियां खां स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे।

    नहर में कूदने से पहले गुरप्रीत सिंह ने अपने साथी शिक्षक गुरप्रताप सिंह को फोन किया और अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वे भट्टियां नहर के पास खड़े हैं और उनकी कार पास में खड़ी है, जिसमें उनका सारा सामान रखा है।

    इस दौरान उन्होंने एसआइआर ड्यूटी से संबंधित परेशानी साझा की। साथी शिक्षक गुरप्रताप सिंह, सिमरन सिंह तथा गांव के सरपंच कौशल सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह ने फोन पर कहा कि वे इस काम के बोझ से अत्यधिक परेशान हैं और उनसे यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

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    यह कहने के बाद उन्होंने नहर में छलांग लगा दी। गौरतलब है कि प्रदेश में 25 जून से एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान चल रहा है, जिसमें शिक्षकों को विशेष ड्यूटी सौंपी गई है। इसी ड्यूटी के दबाव को इस घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने शिक्षक की तलाश के लिए गोताखोरों की टीमों को बुलाया, पांच घंटे बाद देर शाम को शिक्षक का शव मिल गया।

    पास के खेतों में काम कर रहे एक किसान ने बताया कि उसने एक व्यक्ति को नहर किनारे कार खड़ी करके जाते देखा था, लेकिन उसे नहीं पता था कि वह नहर में छलांग लगा देगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षकों पर एसआइआर जैसे अभियानों के दौरान पड़ने वाले अत्यधिक काम के बोझ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।