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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पंजाब के इतने सरकारी स्‍कूलों को दिया गया School of Eminence का दर्जा, बेहतर ढंग से बनाई जा रही बिल्‍डिंग

    Updated: Mon, 16 Oct 2023 10:21 AM (IST)

    पंजाब के 112 सरकारी स्‍कूलों को स्‍कूल ऑफ एमिलेंस का दर्जा दिया गया है। स्कूलों की बिल्डिंग को बेहतर ढंग से तैयार करवाया जा रहा है। मगर स्कूल प्रधानाच ...और पढ़ें

    स्कूल ऑफ एमिनेंस की इमारत का डिजाइन अपने स्तर पर नहीं बदल सकेंगे प्रधानाचार्य (फाइल फोटो)
    स्कूल ऑफ एमिनेंस की इमारत का डिजाइन अपने स्तर पर नहीं बदल सकेंगे प्रधानाचार्य (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. स्कूलों की बिल्डिंग को बेहतर ढंग से तैयार करवाया जा रहा है।
    2. स्कूल ऑफ एमिनेंस के निर्माण को लेकर रिव्यू मीटिंग में ही यह मुद्दा उठाया गया था।

    जागरण संवादाता, जालंधर। राज्य भर में 117 सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस का दर्जा दिया जा रहा है। जिसे लेकर बेहतरीन बिल्डिंग के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर भी मुहैया करवाया जा रहा है। ताकि स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रत्येक मूलभूत सुविधा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग और खेल के बढ़ावा देने के लिए ग्रा‌उंड आदि का प्रबंध किया जा रहा है।

    स्कूलों की बिल्डिंग को बेहतर ढंग से तैयार करवाया जा रहा है। मगर स्कूल प्रधानाचार्य अपने स्तर पर बिल्डिंगों के डिजाइन में भी बदलाव कर रहे हैं। जिसे लेकर डायरेक्टोरेट की तरफ से सभी प्रधानाचार्यों का साफ कर दिया है कि वे स्कूल ऑफ एमिनेंस की इमारतों के डिजाइन में अपनी मर्जी से बदलाव नहीं करेंगे।

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    जिला शिक्षा अधिकारी से लेनी होगी मंजूरी

    इसके लिए उन्हें किसी प्रकार की बदलाव करवाया जाना है तो पहले जिला शिक्षा अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। जिन्हें उनके सम्मुख बदलाव की संभावनाओं व जरूरतों, क्यूं बदलाव जरूरी है के संबंधी में अपना स्पष्टीकरण भी देना होगा।

    जो ठोस व सही पाया जाने पर ही जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से स्कूल आफ एमिनेंस का दौरा कर परिस्थिति का रिव्यू किया जाएघा। जिसके बाद बदलाव संबंधी मंजूरी के लिए फाइल मुख्य दफ्तर भेजी जाएगी। ऐसी स्थिति में मुख्य दफ्तर से मंजूरी मिलने पर ही बदलाव किए जा सकते हैं।

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    रिव्‍यू मीटिंग में भी उठाया गया था यह मुद्दा

    बता दें कि स्कूल ऑफ एमिनेंस के निर्माण को लेकर रिव्यू मीटिंग में ही यह मुद्दा उठाया गया था, जिसमें स्कूलों के आर्किटेक्ट की तरफ से बताया गया था कि स्कूल मुखियों की तरफ से अपने स्तर पर बिल्डिंग के डिजाइन में सुधार करवाए जा रहे हैं। बता दें कि प्रत्येक ब्लाक में एक-एक स्कूल आफ एमिनेंस बनाया जा रहा है।

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    जालंधर जिले में पहले चरण पर आदमपुर स्कूल को तैयार किया जा रहा है। उसके बाद सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल माडल टाउन का नंबर आएगा। इसके साथ-साथ विभाग की तरफ से सभी चुने गए स्कूलों के बाहर स्कूल आफ एमिनेंस नाम अंकित करने के भी आदेश दे दिए गए हैं।