जालंधर में दाखिला नहीं मिलने पर कॉलेज के बाहर बवाल, अभिभावकों ने जड़ा ताला; सड़क जाम कर शुरू किया प्रदर्शन
दाखिला नहीं मिलने से नाराज अभिभावकों ने कॉलेज के बाहर धरना दिया, गेट पर ताला लगाया और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

कॉलेज के बाहर ताला जड़ते हुए अभिभावक।
HighLights
अभिभावकों ने दाखिला न मिलने पर कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया।
कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सड़क जाम की गई।
छात्र संगठन भी विरोध में शामिल हुए, पुलिस प्रशासन मौके पर।
जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर के एक महाविद्यालय में दाखिले को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। एक विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए उसके अभिभावकों ने महाविद्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर अभिभावकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर खुद ताला लगा दिया और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप है कि उनके बच्चे को बिना उचित कारण बताए प्रवेश देने से मना कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कई बार महाविद्यालय प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा।
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महाविद्यालय का दरवाजा किया गया बंद
विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि महाविद्यालय की ओर से मुख्य द्वार नहीं खोला गया। इसके विरोध में अभिभावक सड़क पर बैठ गए और आवाजाही रोक दी। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस दौरान विद्यार्थी के समर्थन में महाविद्यालय के छात्र संगठन के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अभिभावकों के साथ मिलकर नारेबाजी की और विद्यार्थी को दाखिला देने की मांग उठाई। छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि पात्र विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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दाखिले की मांग पर जारी विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने मांग की कि महाविद्यालय प्रबंधन पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दे और विद्यार्थी को नियमानुसार प्रवेश दिया जाए। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
फिलहाल मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से इस पूरे विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।