पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर NIA का शिकंजा, ग्रेनेड और ब्लास्ट समेत कई आतंकी हमलों में गैर जमानती वारंट जारी
एनआईए ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। भट्टी यूट्यूबर पर ग्रेनेड हमले, बीएसएफ मुख्यालय के बाहर धमाके और जासू ...और पढ़ें
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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर NIA का शिकंजा। फाइल फोटो
HighLights
एनआईए ने गैंगस्टर शहजाद भट्टी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
यूट्यूबर के घर ग्रेनेड हमला, बीएसएफ ब्लास्ट में वांछित है भट्टी।
जासूसी नेटवर्क से जुड़ा, ब्राजील में छिपा है पाकिस्तानी गैंगस्टर।
जागरण संवाददाता, जालंधर। यूट्यूबर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमले, बीएसएफ मुख्यालय के बाहर धमाके और जासूसी कांड में गिरफ्तार तीन आरोपितों के मामले में गैंग्सटर शहजाद भट्टी पर एनआइए शिकंजा कसती जा रही है। स्पेशल एनआइए कोर्ट ने इस मामले में पाकिस्तानी आतंकवादी और डान शहजाद भट्टी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
इस वारंट के बाद अब इंटरपोल के माध्यम से रेड कार्नर नोटिस जारी कराने और आरोपित के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू किए जाने का रास्ता खुल गया है। यह मामला 16 मार्च 2025 का है। उस दिन रायपुर रसूलपुर में नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर की बालकनी में हैंड ग्रेनेड मिला था। घटना के बाद जांच पंजाब पुलिस ने की, लेकिन बाद में जांच एनआइए को सौंप दी।
भारतीय नेटवर्क के जरिए ग्रेनेड हमला कराने की साजिश
एनआइए की जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा गैंग्सटर शहजाद भट्टी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म टिकटाक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब के जरिए रोजर संधू पर लाइव स्ट्रीमिंग और आनलाइन गिफ्टिंग के माध्यम से पैसे भेजने का दबाव बना रहा था। जब रोजर संधू ने उसकी मांग मानने से इन्कार कर दिया तो भट्टी ने अपने भारतीय नेटवर्क के जरिए ग्रेनेड हमला कराने की साजिश रची।
जांच में सामने आया था कि शहजाद भट्टी पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से संचालित एक वाट्सएप ग्रुप चला रहा था, जिसमें भारत के कई मोबाइल नंबर जुड़े हुए थे। एनआइए का दावा है कि इसी ग्रुप के माध्यम से हमले की पूरी साजिश तैयार की गई, आरोपितों के बीच संपर्क स्थापित कराया गया और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई।
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26 जून को जालंधर में जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया
पांच मई 2026 को जालंधर में बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। इसमें आइईडी का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों ने बताया था कि उनको पाकिस्तानी डान शहजाद भट्टी ने निर्देश और फंडिंग की थी। बाद में इस मामले में एनआइए ने जांच शुरू की। वहीं 26 जून को जालंधर में जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया था।
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में आरोपितों ने माना था कि उनको पाकिस्तानी डान शहजाद भट्टी ने पैसे देकर खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए कहा था। एनआइए ने अदालत को यह भी बताया है कि शहजाद भट्टी फिलहाल ब्राजील में छिपा है और वहीं से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहा है।