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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Aeroplane Gurdwara: पंजाब के गुरुद्वारे में दूर होती हैं वीजा की रुकावटें, वीकेंड में श्रद्धालु चढ़ाते हैं 200 टाय प्लेन

    By Pankaj DwivediEdited By:
    Updated: Mon, 19 Sep 2022 08:56 AM (IST)

    जालंधर के तल्हन गांव में एक ऐसा गुरुद्वारा है जहां श्रद्धालु खिलौना प्लेन (हवाई जहाज) को प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उनका ...और पढ़ें

    जालंधर के गांव तल्हन स्थित हवाई जहाज गुरुद्वारा। मान्यता है कि यहां खिलौना प्लेन चढ़ाने से वीजा लग जाता है।
    जालंधर के गांव तल्हन स्थित हवाई जहाज गुरुद्वारा। मान्यता है कि यहां खिलौना प्लेन चढ़ाने से वीजा लग जाता है।

    आनलाइन डेस्क। पंजाबियों की विदेश जाने और वहां बसने की हसरत जगजाहिर है। यूएसए, कनाडा, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड व अन्य कई देशों का वीजा पाने के चक्कर में कुछ भी कर गुजरते हैं। अबने रब को भी खुशामद करने से भी नहीं चूकते। क्या आप जानते हैं कि जालंधर के तल्हन गांव में एक ऐसा गुरुद्वारा है जहां श्रद्धालु इस आशा से खिलौना प्लेन (हवाई जहाज) को प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं कि उनका वीजा लग जाएगा और वे विदेश जाने में सफल हो जाएंगे।

    जी हां, हम बात कर रहे हैं लगभग 200 वर्ष पुराने गुरुद्वारा शहीद बाबा निहाल सिंह की। लोगों की आस्था यहां अरदास करने और गुरु चरणों में खिलौना एयरोप्लेन चढ़ाने से उनका वीजा लगने में आने वाली सभी रुकावटें समाप्त हो जाएंगी और उनके विदेश जाने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

    'हवाई जहाज' गुरुद्वारा कहने लगे श्रद्धालु

    आज यह मान्यता इतना बढ़ा रूप ले चुकी है कि गुरुदारे के ऊपर ही एयरप्लेन का एक माडल स्थापित कर दिया गया है। ऐसे में आश्चर्य की बात नहीं है कि इसे आम लोग 'हवाई जहाज' गुरुद्वारा (Aeroplane Gurdwara) कहते हैं। विदेश जाने की इच्छा लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां खिलौना प्लेन गुरु चरणों में अर्पित करते हैं।

    गुरुद्वारे में चढ़ाए गए सैकड़ों प्लेन श्रद्धालुओं की आस्था बयां करते हैं।

    दुकानों पर सजे मिलते हैं सैकड़ों टाय एयरोप्लेन

    यहां आने वाले श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या उनकी होती है जो विदेश और विशेष तौर पर यूएसए जाने की तमन्ना रखते हैं। श्रद्धालु की मांग इतनी अधिक हो गई है कि गुरुद्वारा के पास दुकानों पर विभिन्न आकार के सैकड़ों हवाई जहाज देखने को मिलते हैं। लोग अपनी जेब के हिसाब से खरीदकर उन्हें गुरुद्वारा में प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं।

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    बच्चों को बांट दिए जाते हैं चढ़ाए गए प्लेन

    शहीद बाबा निहाल सिंह गुरुद्वारा की मान्यता इतनी है कि यहां वीकेंड में लगभग 200 खिलौना प्लेन गुरु चरणों में चढ़ाए जाते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि इतने सारे प्लेन का क्या होता है तो हम आपको यह भी बताएंगे। दरअसल, ये खिलौना प्लेन गुरुद्वारे में आने वाले व अन्य बच्चों को बांट दिए जाते हैं।

    यहां कैसे पहुंचे

    यह गुरुद्वारा जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से मात्र 10 किमी की दूरी पर गांव तल्हन में स्थित है। यहां टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है। जालंधर पहुंचने के लिए दिल्ली से अमृतसर के लिए फ्लाइट लें क्योंकि फिलहाल दिल्ली से जालंधर की फ्लाइट उपलब्ध नहीं है।