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    Punjab Weather: पंजाब में तेजी से बदला मौसम, कई जिलों में हुई झमाझम बारिश; उमस ने भी किया परेशान

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 07:01 AM (IST)

    जालंधर और नवांशहर में हुई वर्षा से सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खुल गई। टूटी सड़कें, कीचड़ और सीवरेज जाम होने से ...और पढ़ें

    Punjab Weather: पंजाब के कई जिलों में हुई झमाझम बारिश। फोटो जागरण

    Punjab Weather: पंजाब के कई जिलों में हुई झमाझम बारिश। फोटो जागरण

    HighLights

    1. जालंधर में 1.5 एमएम वर्षा से सड़कों पर जलभराव।

    2. नवांशहर में 20 एमएम वर्षा ने खोली प्रशासन की पोल।

    3. सीवरेज जाम और टूटी सड़कें बनीं लोगों की मुसीबत।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। शहर में मंगलवार सुबह करीब एक घंटे में 1.5 एमएम वर्षा के बाद सड़कों में जलभराव हो गया। कुछ स्थानों में शनिवार को हुई वर्षा के बाद ही से पानी नहीं उतरा था, जिस वजह से उन स्थानों में हालात ज्यादा खराब दिखे और टूटी सड़कें मुसीबत बनती गई।

    यही नहीं जिन स्थानों में सरफेस वाटर, सीवरेज और पानी की पाइपें डालने का काम चल रहा है, उन स्थानों में कीचड़ बन जाने से पैदल चलने वाले लोगों को भी मुश्किल हुई। अब मौसम की बात करें तो वर्षा रुकने के बाद उमस व गर्मी बढ़ गई।

    हालांकि शाम सात बजे के बाद राहत भरी हवा भी चलने लगी। यही कारण है कि अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक मौसम का ऐसा ही बना रहेगा। तेज हवा चलने, वर्षा होने और उमस भरी गर्मी के हालात बने रहेंगे।

    मानसून की पहली वर्षा में डूबा शहर

    नवांशहर जिले में मानसून की पहली तेज वर्षा ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। वर्षा का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिली जब सुबह नौ बजे वर्षा शुरू हुई। करीब 30 मिनट तक हुई वर्षा में 20 एमएम पानी गिरा। हालांकि इसके बाद फिर से उमस भरी गर्मी का दौर शुरू हो गया।

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    इस वर्षा ने प्रशासन की मानसून संबंधी तैयारियों की असफलता को उजागर किया, क्योंकि शहर के हर गली और मोहल्ले में जलभराव हो गया। यदि पहली वर्षा का पानी ही प्रशासन की तैयारियों को सहन नहीं कर पाया तो पूरे सीजन में शहर की स्थिति का अंदाजा लगाना आसान है। मंगलवार को आधे घंटे की वर्षा का असर शहर की सड़कों पर स्पष्ट रूप से देखा गया।

    बिना सफाई के पुराने सीवरेज पाइप और चेंबर बंद पड़े थे। शहर के निचले इलाकों, मुख्य सड़कों और कालोनियों में पानी भर गया, जिससे निकासी व्यवस्था फेल साबित हुई। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर की 21 किलोमीटर सीवरेज लाइन के लिए करीब 80 लाख का टेंडर दिया गया था, लेकिन अभी भी शहर की सीवरेज लाइन की सफाई का काम बाकी है।

    मौसम विभाग ने नवांशहर सहित पंजाब के छह जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। शहर में सीवरेज सफाई के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन सफाई का काम नहीं हो पाता।