यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab Politics: जालंधर वेस्ट से शिअद उम्मीदवार सुरजीत कौर का यू-टर्न, AAP ज्वाइन करने के बाद अब घर वापसी
पंजाब की राजनीति में गजब का ड्रामा देखने को मिला। जालंधर वेस्ट से अकाली दल की उम्मीदवार सुरजीत कौर ने मंगलवार को पार्टी छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल ...और पढ़ें

HighLights
- 10:00 बजे सुबह सुरजीत कौर अपने शिअद के समर्थकों के साथ दिखीं
- 12:00 बजे दोपहर को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आप में शामिल करवाया
- 8:00 बजे रात को सुरजीत कौर ने प्रेस कांफ्रेंस में किया घर वापसी का एलान
जागरण संवाददाता, जालंधर। विधानसभा हलका जालंधर वेस्ट की राजनीति में मंगलवार को बड़ी उठापटक दिखी। तकड़ी के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहीं सुरजीत कौर सुबह जहां अपने समर्थकों के साथ दिखीं, वहीं दोपहर 12 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।
वे पूरे परिवार और समर्थकों के साथ आप में शामिल हुईं और मान ने सभी का स्वागत किया। इसके बाद रात आठ बजे शिरोमणि अकाली दल के बागी धड़े की वरिष्ठ नेत्री बीबी जगीर कौर के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने शिअद में वापसी की घोषणा कर दी।
इस दौरान जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा उनके परिवार को गुमराह करने की बात कही, वहीं हलके में शिअद के लिए डटकर चुनाव लड़ने का भी एलान किया। पत्रकार वार्ता के दौरान एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जगीर कौर तथा पूर्व विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला ने इस पर सुबह का भूला शाम को घर लौट आने का तर्क दिया।
शिअद ने बनाया था प्रत्याशी बाद में हो गई थी बगावत
बता दें कि पहले शिरोमणि अकाली दल ने सुरजीत कौर को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। बाद में पार्टी में बगावत हो गई और शिअद ने सुरजीत कौर से समर्थन वापस ले लिया और समर्थकों को बसपा के लिए वोट करने को कहा।
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हालांकि तब तक नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई थी और तकड़ी चुनाव चिन्ह सुरजीत कौर को अलाट हो गया था। इसके बाद से ही सुरजीत कौर निराश चल रही थीं और पहले भी शिअद हाईकमान को कह चुकी थीं कि उनका कोई दोष नहीं था। पार्टी बेवजह ही उनसे नाराज हो गई है।
आम आदमी पार्टी पर बहकाने का आरोप
घर वापसी की घोषणा के दौरान सुरजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके बेटे दीप सिंह को बहकाया था। इसी बहकावे में आकर बेटे ने उन्हें अपने साथ किसी बैठक में जाने को कहा। उन्हें नहीं पता था कि उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास लेकर जाया जा रहा है।
जैसे ही उन्हें मुख्यमंत्री के सामने खड़ा किया गया तो उन्होंने उनके गले में आम आदमी पार्टी की पट्टी डालकर उन्हें ज्वाइन करवाने का एलान कर दिया। उस समय वह कुछ नहीं बोल सकीं, लेकिन उसके बाद से लेकर वह दिन भर विचलित रहीं।
उनके पति दिवंगत जत्थेदार प्रीतम सिंह पार्टी के सच्चे सिपाही रहे थे और उनकी नस-नस में अकाली दल के लिए वफादारी थी। ऐसे में वह शिरोमणि अकाली दल को छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकतीं। अब घर वापसी के बाद वह सुकून महसूस कर रही हैं।
आप ज्वाइन करने के बाद बोझ महसूस कर रही थीं सुरजीत- बीबी जगीर कौर
बीबी जगीर कौर ने कहा कि सोमवार रात 11 बजे तक उनके साथ पार्टी के पक्ष में प्रचार किया गया था। मंगलवार को उन्हें जैसे ही इस घटनाक्रम का पता चला तो उन्होंने सुरजीत कौर के साथ संपर्क किया। उनसे बात करते-करते सुरजीत कौर भावुक हो गईं।
सुरजीत कौर ने जब से आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी, वह मन पर बोझ महसूस कर रही थीं। उन्होंने सुरजीत कौर को हौसला दिया। सुरजीत कौर ने घर वापसी की इच्छा जाहिर की तो उन्होंने फिर से उन्हें गले लगा लिया है।
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गुरप्रताप सिंह वडाला ने कही ये बात
गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि सुरजीत कौर से पहले शिअद ने गलत किया, जिससे वह टूट गईं थीं। पहले पार्टी ने उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया, फिर नकली हस्ताक्षर कर नामांकन वापस लेने का खुद प्रयास किया। जब बात नहीं बनी तो शिरोमणि अकाली दल ने बसपा को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया।
बीते लोकसभा चुनाव में भले ही शिअद को 2,600 वोट मिले थे, बावजूद इसके सुरजीत कौर कर्मठता के साथ प्रचार में जुटी हीं। वास्तव में शिअद के बर्ताव और आम आदमी पार्टी के दबाव में सुरजीत कौर घबरा गई थीं।
अब अकाली दल के नेताओं की हौसला अफजाई के बाद वह मुकाबले के लिए तैयार हैं। बुधवार से पार्टी के लिए चुनाव प्रचार जारी रखा जाएगा। इसके तहत बैठकें, जनसभाएं की जाएंगी।
बेटी के साथ भावुक दिखीं सुरजीत कौर
शिरोमणि अकाली दल में वापसी करते ही सुरजीत कौर तथा बेटी राजविंदर कौर भावुक हो गईं। राजविंदर कौर का कहना था कि पिता जत्थेदार प्रीतम सिंह ने अपना जीवन शिरोमणि अकाली दल को समर्पित कर दिया था। ऐसे में इसे छोड़ने का सोच भी नहीं सकते। ऐसा कैसे हो गया, इससे वह खुद अनभिज्ञ हैं।
सीएम ने कहा था, सुरजीत कौर के आने पर गर्व हो रहा
दोपहर को जब सुरजीत कौर ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन की, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सुरजीत कौर और उनका पूरा परिवार बहुत धार्मिक है। उनके दिल में पंथ, पंजाब और पंजाबियों के लिए बहुत हमदर्दी है। उनके पति जत्थेदार प्रीतम सिंह ने भी लोगों की सेवा की और एमसी भी रहे।
सुरजीत कौर खुद दो बार पार्षद रह चुकी हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि आम आदमी पार्टी पंजाब के लिए काम करने वालों की पहली पसंद बन रही है। सुरजीत कौर के पार्टी में आने पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
इस परिवार ने पंजाब और पंजाबियत के लिए लड़ाई लड़ी है। पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए परिवार के सदस्य जेल भी गए।
सुरजीत कौर ने भी जताया था मुख्यमंत्री का आभार
सुरजीत कौर ने आम आदमी पार्टी में उनका स्वागत करने के लिए सीएम भगवंत मान का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा था कि जालंधर पश्चिम और यहां के लोगों के लिए यह फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि लोग मदद के लिए और अपने कामों के लिए उनके पास आते हैं, लेकिन सुखबीर बादल ने उन्हें उम्मीदवार बनाने के बाद समर्थन वापस लिया।
इसलिए उन्होंने एक ऐसी पार्टी की ओर कदम बढ़ाया है, जो आम लोगों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के हर क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
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