जालंधर में ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर महिला से ठगी, पुलिस ने दर्ज किया केस
जालंधर में एक महिला ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने के झांसे में आकर साइबर ठगी का शिकार हो गई। ठगों ने कम निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देकर उनके बैंक खाते से ...और पढ़ें

जालंधर में ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर महिला से 70 हजार की ठगी।
HighLights
महिला को ऑनलाइन बिजनेस का झांसा देकर ठगा
ठगों ने बैंक खाते से 70 हजार रुपये उड़ाए
साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
सुक्रांत, जालंधर। जालंधर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां ठगों ने आनलाइन बिजनेस शुरू करवाने का झांसा देकर एक महिला के बैंक खाते से 70 हजार रुपये उड़ा लिए। पीड़िता को घर बैठे कम निवेश में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया, जिसके चलते वह ठगों के जाल में फंस गई।
जानकारी के मुताबिक ठगों ने खुद को एक आनलाइन कंपनी से जुड़ा हुआ बताया और महिला को सस्ते कपड़े उपलब्ध करवाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि वह इन कपड़ों को बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकती है। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए ठगों ने मीठी-मीठी बातें की और कुछ फर्जी दस्तावेज भी दिखाए। इसके बाद उन्होंने महिला से बैंक डिटेल्स, ओटीपी और अन्य जरूरी जानकारी हासिल कर ली। जानकारी मिलते ही ठगों ने खाते से 70 हजार रुपये निकॉल लिए। ठगी का पता चलते ही पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अधिकतर लोग बिना जांच पड़ताल के आफर्स पर भरोसा कर लेते हैं। ठग प्रोफेशनल तरीके से बात करते हैं, फर्जी कंपनी काप्रोफाइल दिखाते हैं और जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं। कई बार लोग लालच में आकर अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे उनका बैंक खाता खाली हो जाता है।
कई लोग हो चुके हैं ठगों के शिकार
जालंधर कैंट में एक युवक से आनलाइन फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 1.20 लाख रुपये ठग लिए गए। युवक को मैसेज आया था कि वह अपने घर में सामान बनाने वाली कंपनी खोल सकता है। दाना मंडी में एक महिला को घर बैठे पैकिंग जाब का झांसा देकर 50 हजार रुपये की ठगी की गई। जंडूसिंघा में एक व्यक्ति से ई-कामर्स साइट पर सेलर अकाउंट बनवाने के नाम पर 90 हजार रुपये ठग लिए गए।
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साइबर ठग नए-नए तरीकों से बना रहे निशाना
डिजिटल युग में जहां एक ओर आनलाइन अवसर बढ़े हैं, वहीं साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बेरोजगारी, घर बैठे कमाई की चाह और जल्दी पैसा कमाने की मानसिकता लोगों को ऐसे झासे में फंसा देती है। ठग इंटरनेट मीडिया, वाट्सएप और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों तक पहुंचते हैं और भरोसा जीतने के बाद ठगी को अंजाम देते हैं।
बचाव के उपाय
ऐसे मामलों से बचने के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता।
किसी भी अनजान कंपनी या व्यक्ति को बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड कभी साझा न करें।
किसी भी आनलाइन आफर को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच करें।
केवल विश्वसनीय प्लेटफार्म का ही उपयोग करें।
अगर कोई आफर बहुत ज्यादा आकर्षक लगे, तो उसे संदेह की नजर से देखें।
ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाएं।
साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। कोई भी धोखाधड़ी होने पर पुलिस को सूचना दें। तुरंत कार्रवाई होगी। -धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर