Punjab Weather: कपूरथला में मौसम के बदले मिजाज से किसानों की बढ़ी धड़कनें, खुले में पड़ा गेहूं खराब होने का डर
कपूरथला में मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना से किसान चिंतित हैं। मंडियों और खेतों में खुले में पड़ा गेहूं खराब होने के खतरे में है, जिससे उन्हें भा ...और पढ़ें
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मौसम में बदलाव से किसानों के माथे पर चिंता (फोटो: जागरण)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नरेश कद, कपूरथला। मौसम में अचानक आए बदलाव और बारिश की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडियों और खेतों में खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं अब खराब होने के खतरे में है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का डर सता रहा है।
किसानों का कहना है कि गेहूं की कटाई के बाद अभी तक पूरी फसल की खरीद और उठान नहीं हो पाई है। कई स्थानों पर गेहूं खुले में ढेरों के रूप में पड़ा हुआ है। यदि ऐसे में बारिश हो जाती है, तो फसल भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नमी के संपर्क में आने से गेहूं में फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है और उसका वजन भी कम हो सकता है। इससे बाजार में उसकी कीमत घट जाती है और सरकारी खरीद में भी परेशानी आती है।
कई किसानों ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत और खर्च के बाद फसल तैयार की है, लेकिन अब मौसम की मार उनके लिए नई चुनौती बन गई है। उनका कहना है कि प्रशासन को तुरंत कदम उठाकर मंडियों में पड़े गेहूं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना चाहिए या उसे ढकने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। मंडी में काम कर रहे मजदूरों और आढ़तियों का भी कहना है कि यदि बारिश होती है, तो कामकाज प्रभावित होगा और फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि गेहूं की उठान प्रक्रिया को तेज किया जाए और मंडियों में तिरपाल या शेड की व्यवस्था की जाए, ताकि फसल को बारिश से बचाया जा सके।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ऐसे में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कहीं उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए।
जिला मंडी अफसर गगनदीप सिंह ने कहा कि मंडी में बारिश से बचाने के लिए तिरपालों का पूरा प्रबंध है। मंडी में किसी भी किसान की गेहूं की फसल खराब नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडियों में आ रही गेहूं का किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है। किसी भी तरह की उन्हें कोई परेशानी पेश नहीं आ रही है।