जर्मनी में पंजाब के युवक की हत्या, 10 साल पहले बेहतर भविष्य के लिए छोड़ा था घर
कपूरथला जिले के रामगढ़ गांव निवासी राजविंदर सिंह की जर्मनी में कथित हमले के बाद मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि वह मंदिर विवाद सुलझाने गया था। अब परिज ...और पढ़ें

मृतक युवक की फाइल फोटो।
HighLights
जर्मनी में मंदिर विवाद के बीच पंजाब के युवक की मौत
विदेश में पंजाब के युवक की हत्या
जर्मनी में हमले का शिकार हुआ पंजाब का युवक
जागरण संवाददाता, भुलत्थ(कपूरथला)। कपूरथला जिले की भुलत्थ उपमंडल के गांव रामगढ़ से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। गांव के मूल निवासी 30 वर्षीय युवक राजविंदर सिंह की जर्मनी में कथित तौर पर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और पूरे गांव में मातम का माहौल है।
मृतक के पिता जरनैल सिंह ने बताया कि उनका बेटा करीब 10 वर्ष पहले बेहतर भविष्य की तलाश में जर्मनी गया था। वहां वह स्थायी रूप से बस गया था और जर्मनी की नागरिकता भी प्राप्त कर चुका था। परिवार के अनुसार राजविंदर सिंह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार की आर्थिक सहायता करता था और नियमित रूप से अपने परिजनों के संपर्क में रहता था।
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मंदिर की अध्यक्षता को लेकर हुआ था विवाद
जरनैल सिंह ने बताया कि दो दिन पहले उन्हें फोन पर सूचना मिली कि जर्मनी में मंदिर की अध्यक्षता को लेकर कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया था। बताया गया कि राजविंदर सिंह विवाद को शांत कराने और दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाने के लिए वहां पहुंचा था। इसी दौरान कथित तौर पर हरियाणा से संबंधित कुछ युवकों ने चार लोगों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया।
परिवार का आरोप है कि इस हमले में राजविंदर सिंह के सिर पर गंभीर चोट लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन तक उसका इलाज चलता रहा। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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गांव में शौक की लहर
घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव रामगढ़ में भी शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। परिजन अब अपने बेटे के अंतिम दर्शन की आस लगाए बैठे हैं।
मृतक के पिता ने भारत सरकार से मांग की है कि उन्हें अपने बेटे के अंतिम संस्कार के लिए जर्मनी जाने की अनुमति दिलाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि संभव हो तो राजविंदर सिंह का शव उसके पैतृक गांव रामगढ़ लाने की प्रक्रिया में सहायता की जाए ताकि परिवार और रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।