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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लुधियाना पहुंची अभिनेत्री कल्कि कोचलिन का छलका दर्द, कहा- लोग पहचान के बारे में पूछते हैं तो आता है गुस्सा

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Tue, 11 Jul 2023 06:57 AM (IST)

    Ludhiana कल्कि ने कहा कि भले ही मेरा चेहरा सफेद है लेकिन दिल मेरा भूरा है जो कि भारतीय है। उन्होंने वर्ष 2009 में बालीवुड में कदम रखा था। इस दौरान उन् ...और पढ़ें

    लोग जब पहचान के बारे में पूछते हैं तो गुस्सा आ जाता है: कल्कि
    लोग जब पहचान के बारे में पूछते हैं तो गुस्सा आ जाता है: कल्कि

    जागरण संवाददाता, लुधियाना: जब लोग मेरी पहचान के बारे पूछते हैं और अपना अंदाजा लगाना शुरू कर देते हैं तो गुस्सा आता है। मैं खुद को संपूर्ण रूप से भारतीय मानती हूं। मुझे हिंदी, तमिल और इंग्लिश का ज्ञान है। फ्रांसीसी वंश की भारतीय फिल्म अभिनेत्री कल्कि कोचलिन ने यह बात सोमवार को फिक्की फ्लो लुधियाना चैप्टर की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।

    कल्कि ने कहा कि भले ही मेरा चेहरा सफेद है, लेकिन दिल मेरा भूरा है जो कि भारतीय है। उन्होंने वर्ष 2009 में बालीवुड में कदम रखा था। इस दौरान उन्होंने बालीवुड में अपने अब तक के सफर के अनुभवों का साझा किया। फिक्की फ्लो की चेयरपर्सन अंकिता गुप्ता ने कल्कि कोचलिन का परिचय करवाया।

    प्रश्न: आपने अभिनय की दुनिया को ही क्यों चुना? 

    जब मैं युवा थी तो स्कूल में दोस्तों के साथ अंग्रेजी बोला करती, घर में होती तो फ्रेंच बोलती, बाहर दोस्तों के साथ तमिल में बात इस्तेमाल करती थी। अभिनय भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम हैं। 

    प्रश्न: महिलाओं को सशक्त बनने के लिए क्या करना चाहिए?

    अगर आप अपने जीवन में सब हासिल कर लेती हैं तो सशक्त हैं, इसे दिखाने की जरूरत नहीं हैं। महिला होने के नाते अपने आप को खुद से सशक्त बनाएं। 

    प्रश्न: मां होने के साथ अपने काम को कैसे मैनेज करती हैं? 

    मां होने के नाते मुझे एहसास हुआ कि मैं कौन हूं, अच्छा वातावरण बनाने के लिए बेटी के लिए क्या करना है। काम और मातृत्व दोनों में संतुलन बनाकर चलती हूं। 

    प्रश्न: अगर आप वकील होती तो महिला अधिकारों के लिए क्या प्रयास करतीं?

    महिलाओं की सुरक्षा पर ज्यादा फोकस करती। मेरा मानना है कि हर शहर में लड़कियां या फिर महिलाएं, एक समय के बाद असुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाएं जो करना चाहती हैं, उसके योग्य बनें और मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें।