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    जापान की कंपनी से भिड़ा लुधियाना का बिजनेसमैन, डिजाइन चोरी का आरोप लगाकर 5 लोगो पर FIR दर्ज कराई

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 09:51 PM (IST)

    लुधियाना के एक कारोबारी ने जापानी और भारतीय कंपनी के पांच लोगों पर डिजाइन चोरी कर पेटेंट कराने का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

    डिजाइन चोरी का आरोप लगाकर 5 लोगो पर FIR दर्ज (प्रतीकात्मक फोटो)

    डिजाइन चोरी का आरोप लगाकर 5 लोगो पर FIR दर्ज (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। एक स्थानीय कारोबारी ने जापानी और भारतीय कंपनी के पांच व्यक्तियों पर डिजाइन चोरी कर पेटेंट कराने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि आरोपितों ने जापान से मुफ्त में आए टेस्टिंग के पार्ट्स को मशीनों में भरकर बेचा, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।

    थाना डेहलों पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर जापान और भारत से संबंधित मारुयामा एमएफजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    आरोपितों में मुनेनोर ओहटा (मैनेजिंग डायरेक्टर), ताकायुकी साइटो (डिप्टी डायरेक्टर), हरमीत सिंह (मैनेजर), रित्विक दास (मैनेजर) और तोशियो कोंडो शामिल हैं। आरोपितों की कंपनी का कार्यालय जिला गुरुग्राम, हरियाणा में स्थित है।

    पुलिस को दी गई शिकायत में पक्खोवाल रोड निवासी जगतजीत सिंह ने बताया कि उसकी आलमगीर में जगतसुख इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी है, जहां कृषि से संबंधित मशीनें बनाई जाती हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मार्च 2022 में आरोपितों ने उससे संपर्क किया और भारत में मेन्यूफेक्चरिंग पार्टनरशिप का प्रस्ताव दिया।

    आरोपितों ने कहा कि वे भारत में प्रतिस्पर्धी मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट स्थापित नहीं करेंगे। इस पर उसने मशीनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन पावर पर बड़ा निवेश किया और आरोपितों की कंपनी को मशीनों के डिजाइन, तकनीकी ड्राइंग, विक्रेताओं की जानकारी, निर्माण प्रक्रिया, लागत विवरण और अन्य गोपनीय तकनीकी सूचनाएं साझा कीं।

    जगतजीत सिंह ने आरोप लगाया कि 2022 और 2023 के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने आलमगीर स्थित फैक्टरी के कई दौरे किए और गोपनीय तकनीकी दस्तावेजों की कथित रूप से कापी कर ली।

    इसी तकनीकी जानकारी का उपयोग करते हुए कंपनी ने भारत में मशीनों के कुछ पार्ट्स के पेटेंट के लिए आवेदन किया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) की ओर से कराई गई जांच के बाद केस दर्ज किया गया है।

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