यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सावधान! कहीं आप भी तो नहीं हो गए डिजिटल अरेस्ट; रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल से ठगे 35 लाख
लुधियाना में एक रिटायर्ड लेफ्टीनेंट कर्नल के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने इनसे 35.30 लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं कर्नल को 6 घंटों त ...और पढ़ें

HighLights
- रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल को डिजिटल अरेस्ट कर 35.30 लाख ठगे
- मनी लांड्रिंग के केस का डर दिखा छह घंटे तक किया अरेस्ट
- फंड ट्रांसफर ना करने पर बच्चों को जांच में शामिल करने की धमकी
जागरण संवाददाता, लुधियाना। शहर में साइबर ठगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ठगों ने 81 वर्षीय रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल परोपकार सिंह को अपना शिकार बनाया है।
ठगों ने इन्हें छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर इनसे 35.30 लाख रुपये ठग लिये। अपने साथ हुई ठगी का पता लगते ही उन्होंने शिकायत साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर खाते को फ्रीज कर दिया है।
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पीड़ित रिटायर्ड कर्नल ने पुलिस को बताई आपबीती
रिटायर्ड कर्नल परोपकार सिंह ने पुलिस को बताया कि वो सराभा नगर में अकेले रहते हैं। उनके बच्चे विदेश में हैं। आठ जनवरी को उन्हें एक कॉल आई।
कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि वह एयरपोर्ट अथॉरिटी से बोल रहा है और कर्नल को उनके दस्तावेजों के साथ एक पार्सल भेजा गया है जिसमें ड्रग्स और पैसे हैं।
इसके लिए दिल्ली पुलिस आपको कॉल करेगी। कुछ मिनट बाद उन्हें फिर कॉल आई। इस बार शख्स ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में आया है और इसकी जांच अब सीबीआई तक पहुंच चुकी है।
सीबीआई उनसे सवाल-जवाब करेगी। इसके कुछ देर बाद उन्हें एक और वीडियो कॉल आई। शख्स ने सीबीआई अधिकारी की तरह डील किया। उसने कहा कि मनी लांड्रिंग के मामले में वो आपको डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं। यदि उन्होंने किसी को कॉल की या फिर किसी को कुछ बताया तो टीम भेजकर अरेस्ट कर लेंगे।
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ठगो ने धोखाधड़ी कर अपने खाते में ट्रांसफर कराए पैसे
इतना ही नहीं, ठग बोला कि हमें पता है कि आपकी कोई भूमिका इस मामले में नहीं है लेकिन आपके फंड वेरिफाई किए जाने हैं। आपके खाते में जितना भी फंड है सभी हमारे खाते में ट्रांसफर कर दें। अगर वो पैसे ट्रांसफर नहीं करते हैं तो उनके बच्चों को इस मामले में शामिल करेंगे। ये फंड उन्हें चेक करवाना होगा, जो कुछ देर में वापस ट्रांसफर कर दिया जाएगा। कर्नल धोखाधड़ों की बातों से डर गए और एक बार में आरटीजीएस करके उनके खाते में 35.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने उन्हें 6 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा।
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खाते में पैसे न आने पर साइबर क्राइम थाने को किया सूचित
जब कर्नल के खाते में पैसे नहीं आए तो उन्होंने नौ जनवरी को साइबर क्राइम थाने को सूचना दी। पुलिस ने इसके बाद जांच शुरू की हालांकि अभी तक पुलिस को आरोपित और जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं उसके बारे में कुछ पता नहीं चला है। पुलिस ने उक्त खाते को फ्रीज कर दिया है।
साइबर ठगों से रहें सावधान
डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी प्रावधान किसी भी विभाग में नहीं है। अगर कोई फोन करके ऐसा कहता तो यकीन न करें। सीबीआई, पुलिस या कोई भी विभाग फोन के जरिए सूचित करके कोई एक्शन नहीं लेता। अगर आपको कोई ऐसा कॉल आती है तो पहले उसे वेरिफाई करने के लिए संबंधित विभाग के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। किसी को भी अपनी पर्सनल डिटेल्स फोन पर शेयर न करें। कोई भी विभाग आपकी पर्सनल डिटेल्स को फोन पर नहीं मांगता है।