लुधियाना में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी की छापेमारी खत्म, मुख्यमंत्री का केंद्र पर हमला
लुधियाना में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी समाप्त हो गई। कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज ...और पढ़ें

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा।
HighLights
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर ईडी की छापेमारी समाप्त।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
छापेमारी से पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी की कार्रवाई समाप्त हो गई है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुक्रवार सुबह अचानक लुधियाना स्थित मंत्री के आवास पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की गहन जांच शुरू की।
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ईडी की तरफ से बयान नहीं हुआ जारी
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। हालांकि, अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे जांच को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
दूसरी ओर, मंत्री संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया है।
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सीए मान लगा चुके केंद्र पर आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है।
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
फिलहाल, छापेमारी समाप्त होने के बाद भी इस मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और संबंधित पक्षों की ओर से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
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