यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sidhu Moose Wala की मां का छलका दर्दः कहा-मेरे बेटे की माैत का बनाया मजाक, इंसाफ नहीं मिला ताे सड़काें पर उतरेंगे
Sidhu Moose Wala Murder गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला सरकार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। मूसेवाला की मां चरन कौर ने कहा कि बेटे की हत्य ...और पढ़ें

गुरप्रेम लहरी, मानसा। Sidhu Moose Wala Murder: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के स्वजनाें का इंसाफ नहीं मिलने पर दर्द छलक रहा है। साेमवार काे मां चरन कौर ने कहा कि बेटे की हत्या काे तीन माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक पंजाब सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। चरन काैर ने कहा कि मेरे बेटे की मौत का मजाक बना कर रख दिया है। जिस व्यक्ति द्वारा मेरे बेटे की सुरक्षा को सार्वजनिक किया उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए उसको ऊंचे पदों से नवाजा गया है।
आप नेता व वर्कर सत्ता की मस्ती में झूम रहे
उन्होंने कहा कि हमें इंसाफ मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। अब तो सिर्फ कैंडल मार्च ही निकाला गया है, अब हमें और सख्त कदम उठाने होंगे। अगरक इंसाप नहीं मिला ताे वह सड़काें पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे। पंजाब में लगातार कत्ल हो रहे हैं और आप नेता व वर्कर सत्ता की मस्ती में झूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इसको गंभीरता से ले और मूसेवाला को इंसाफ दिलाए।
29 मई काे हुई थी मूसेवाला की हत्या
गाैरतलब है कि इस साल 29 मई को गायक सिद्धू मूसेवाला का मानसा के गांव जवाहरके में गोलियां मार कर कत्ल कर दिया गया था। उन पर हमला उस समय हुआ जब वह अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी छोड़ कर साधारण थार गाड़ी से अपनी माैसी के घर को जा रहे थे। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी उनके जख्म हरे के हरे हैं। हालांकि तीन माह बाद मानसा पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दी है। लेकिन बड़े आरोपित भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
मूसेवाला की याद में बनेगा पुस्तकालय
गाैरतलब है कि रविवार काे फतेहगढ़ साहिब के सांसद डा. अमर सिंह ने गांव मूसा में सिद्धू मूसेवाला की याद में बनने वाले पुस्तकालय के लिए अपनी सांसद निधि से 20 लाख रुपये दिए थे। अमर सिंह ने यह पत्र पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को पंचायत के नाम पर सौंपा था।