खरीद 400 रुपये और MRP 700... लुधियाना में 3 हजार लीटर देसी घी जब्त, खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
लुधियाना में सेहत विभाग ने दीप नगर के एक गोदाम से 3000 लीटर देसी गाय का घी जब्त किया है। यह घी 400 रुपये में खरीदकर 700 रुपये एमआरपी पर बेचा जा रहा था ...और पढ़ें

लुधियाना में 3 हजार लीटर देसी गाय का घी जब्त। फोटो जागरण
HighLights
दीप नगर गोदाम से 3000 लीटर देसी घी जब्त।
घी की खरीद 400 रुपये, एमआरपी 700 रुपये।
नमूने जांच को भेजे, FSSAI नियमों की पड़ताल।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले के सेहत विभाग ने मंगलवार को दीप नगर स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर करीब 3,000 लीटर देसी गाय का घी जब्त किया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घी गुजरात से मंगवाया गया था। घी की खरीद लगभग 400 रुपये प्रति लीटर की दर से की गई थी, जबकि पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 700 रुपये प्रति लीटर अंकित है। फिलहाल विभाग खरीद से जुड़े बिल, परिवहन दस्तावेज, उत्पाद की लेबलिंग और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
डॉ. चावला ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) के पास वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता के मानकों का पालन करना, सही लेबलिंग करना व आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
मिलावट पाए जाने पर होगी बड़ी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि किसी भी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा का अंतिम निर्धारण केवल प्रयोगशाला जांच के आधार पर ही किया जा सकता है। इसलिए छापेमारी के दौरान लिए गए घी के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबार संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में मिलावटी और मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ऐसे कारोबारियों पर सख्त नजर रख रहा है, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं।