पंजाब के ट्रक ड्राइवर ने तमिलनाडु में खुद को जिंदा जलाकर की आत्महत्या, ट्रांसपोर्ट कंपनी की प्रताड़ना से था परेशान
बुढलाडा के एक ट्रक चालक गुरलाल सिंह ने तमिलनाडु में दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कंपनी के अधिकारियों के दुर्व्यवहार से परेशान होकर खुद को आग लगा ली, जिसकी इल ...और पढ़ें
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पंजाब के ट्रक चालक ने तमिलनाडु में खुद को डीजल डालकर जिंदा जलाया।
HighLights
बुढलाडा के ट्रक चालक ने तमिलनाडु में खुद को आग लगाई
ट्रांसपोर्ट कंपनी अधिकारियों के दुर्व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाया
इलाज के दौरान वापस लाते समय गुरलाल सिंह की मौत हुई
संवाद सूत्र, बुढ़लाडा। गांव मंडेर के एक ट्रक चालक द्वारा तमिलनाडु में दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कंपनी अधिकारियों के दुर्व्यवहार से परेशान होकर खुद को आपके हवाले कर दिया, जिसे वापस लाते समय उसकी मौत हो गई।
गुरलाल सिंह के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। जिसका शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। मृतक गुरलाल सिंह अमृतधारी होने के साथ अभी कुंवारा था।
जानकारी के अनुसार गांव मंडेर का गुरलाल सिंह (35) दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर चालक तैनात था और पिछले सप्ताह दिल्ली से ट्रक में बैटरे लेकर तमिलनाडु के लिए रवाना हुआ था।
मृतक गुरलाल सिंह के भाई सतपाल सिंह ने बताया कि गुरलाल सिंह लंबे समय से दिल्ली की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर चालक तैनात था और दिल्ली से बैटरे लेकर निकले गुरलाल सिंह की गाड़ी तमिलनाडु के एक ढाबे पर अचानक खराब हो गई, जिसको लेकर उसने कंपनी अधिकारियों से बातचीत करते मदद की मांग की गई, लेकिन कंपनी अधिकारियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसे धमकियां दी गई। इस घटना से आहत होकर गुरलाल सिंह खुद पर डीजल डालते खुद को आग के हवाले कर दिया गया।
सतपाल सिंह के अनुसार खुद को आग के हवाले करने से पहले उसके भाई की फोन पर उससे बातचीत होती रही, लेकिन खुद को आग के हवाले करने के बाद उसका फोन तमिलनाडु पुलिस ने उठाते उसे जानकारी दी गई कि उसके भाई ने खुद को आपके हवाले कर दिया है जिसे वे इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल लेकर जा रहे हैं।
इसके बाद सतपाल सिंह वाया एयर तमिलनाडु पहुंचा और देख कि उसके भाई को वहां के अस्पताल में इलाज देने के बजाय ऐसे ही छोड़ रखा था जिसे वह एंबुलेंस के जरिए बुढ़लाड़ा लेकर आ रहा था कि शुक्रवार देर रात उसने बुढ़लाडा पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया।
जिसकी लाश को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। एंबुलेंस को तमिलनाडु से जहां लाने में 48 घंटे बीत गए और इसके बदले सतपाल सिंह की ओर से एंबुलेंस को एक लाख 10 हजार रुपये किराए का भुगतान भी किया गया
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पीआरटीसी कर्मचारी सतपाल सिंह ने अपने भाई की मौत को लेकर तमिलनाडु के विजय थलापति सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उसके भाई को तमिलनाडु में उपचार देने के बजाय सिविल अस्पताल में करने के लिए छोड़ दिया गया।
इतना ही नहीं जब वे तमिलनाडु पहुंचा तो अस्पताल के स्टाफ की ओर से उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सतपाल सिंह ने अपने भाई की मौत को लेकर इंसाफ की मांग करते संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।