नशे के खिलाफ मानसा की पंचायत का प्रस्ताव; संदिग्ध परिवार को दो दिन का अल्टीमेटम, संपत्ति गिराने की चेतावनी
मानसा के नंगल कलां में पंचायत ने नशा बेचने के आरोप में एक परिवार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। प्रशासन को दो दिन का समय देकर संपत्ति गिराने और परिवार ...और पढ़ें

संदिग्ध परिवार पर तकरीबन 40 मामले दर्ज।
HighLights
मानसा पंचायत ने नशा बेचने वाले परिवार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया।
प्रशासन को दो दिन में कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया।
नशे से अर्जित संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, मानसा। पंजाब के मानसा जिले के गांव नंगल कलां में नशे के खिलाफ पंचायत ने सख्त रुख अपनाते हुए एक परिवार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। पंचायत ने आरोप लगाया है कि उक्त परिवार लंबे समय से गांव में नशा बेचने के काम में संलिप्त है, जिससे पूरे गांव का माहौल खराब हो रहा है।
पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव में प्रशासन से मांग की गई है कि संबंधित परिवार को गांव से बाहर निकाला जाए और नशा बेचकर बनाई गई उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाए। पंचायत ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग स्वयं निर्णय लेकर कदम उठाएंगे।
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परिवार के खिलाफ 40 के करीब मामले दर्ज
पंचायत के अनुसार, उक्त परिवार के खिलाफ पहले ही 35 से 40 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद नशा बेचने की गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कई बार सामूहिक रूप से परिवार को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।
प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार ने नशे के कारोबार से बड़ी संपत्ति अर्जित की है, जिसमें दो मंजिला मकान के अलावा अन्य स्थानों पर भूखंड और संसाधन शामिल हैं। पंचायत का दावा है कि गांव के छोटे बच्चों को भी नशे का आदी बनाकर उनसे नशा बिकवाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
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सूचना देने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं
पंचायत ने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि अब भी सख्ती नहीं बरती गई तो संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
गांव के सरपंच रेशम सिंह जिंदा ने बताया कि उन्हें गांव के लोगों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुना है और सरपंच बनने के बाद से उन्होंने इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत का यह निर्णय गांव की सामूहिक राय के आधार पर लिया गया है और आगे भी लोगों की इच्छा के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
गांव में इस फैसले के बाद माहौल गंभीर बना हुआ है और सभी की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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