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    फसल हुई बर्बाद, कर्ज से परेशान मानसा के किसान ने खेत में लगाई फांसी; 3 महीने की बेटी के सिर से उठा पिता का साया

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 12:19 PM (IST)

    मानसा के जलवेडा गांव में कर्ज और कमजोर फसल से परेशान युवा किसान की मौत हो गई। वह पत्नी, तीन महीने की बेटी और माता-पिता को छोड़ गया। ग्रामीणों ने सरकार ...और पढ़ें

    मृतक किसान की फाइल फोटो।

    मृतक किसान की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. मानसा के जलवेडा में 26 वर्षीय किसान ने की आत्महत्या।

    2. कर्ज और लगातार फसल खराब होने से था मानसिक तनाव।

    3. पीछे छोड़ी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन माह की बेटी।

    संवाद सूत्र, बुढलाड़ा। पंजाब के मानसा जिले के अंतर्गत आते गांव जलवेडा में कर्ज के दलदल और लगातार खराब हो रही फसलों से परेशान एक 26 वर्षीय युवा किसान उत्तम सिंह ने अपने ही खेत में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस खौफनाक कदम के बाद जहां पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक किसान अपने पीछे पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और महज तीन महीने की एक मासूम बेटी को रोता-बिलखता छोड़ गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलवेडा गांव का निवासी उत्तम सिंह अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके पास खुद की पर्याप्त जमीन नहीं थी, जिसके चलते वह ठेके पर जमीन लेकर खेती बाड़ी करता था। इसी खेती से उसके पूरे परिवार की आजीविका चलती थी। परिजनों ने बताया कि उत्तम सिंह पर पहले से ही काफी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा था।

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    फसल खराब होने से डिप्रेशन में था किसान

    परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, उत्तम सिंह को इस साल अपनी फसलों से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। पहले नरमे (कपास) की फसल कीटों और मौसम की मार के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    इसके बाद उसने कर्ज का इंतजाम कर धान की फसल लगाई थी, लेकिन अब धान की फसल भी उम्मीद के मुताबिक बेहद कमजोर दिखाई दे रही थी। लगातार दो फसलों के खराब होने और सिर पर चढ़ते कर्ज के भारी बोझ के कारण उत्तम सिंह पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रहा था।

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    3 साल पहले हुई थी शादी

    मृतक के चचेरे भाई लखविंदर सिंह ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि उत्तम सिंह की शादी करीब तीन साल पहले बड़े ही चाव से हुई थी। अभी महज तीन महीने पहले ही उसके घर में एक नन्ही बेटी ने जन्म लिया था। परिवार में खुशियों का माहौल था और उत्तम अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के सपने बुन रहा था। लेकिन आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी ने उसके सोचने-समझने की शक्ति को इस कदर प्रभावित किया कि उसने मौत का रास्ता चुन लिया।

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    पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही थाना बरेटा की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। मामले की जांच कर रहे थाना बरेटा के प्रभारी गणेश्वर कुमार ने बताया कि मानसिक तनाव के कारण उठाए गए इस कदम को लेकर मृतक उत्तम सिंह के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

    पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत सीआरपीसी की तर्ज पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों को सौंप दिया है।

    किसान संगठनों ने की मुआवजे की मांग

    इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव जलवेडा में सन्नाटा पसरा हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न किसान संगठनों के नेता पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

    ग्रामीणों और किसान नेताओं ने पंजाब सरकार से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज तुरंत माफ किया जाए और बेसहारा हो चुकी पत्नी व दुधमुंही बच्ची के पालन-पोषण के लिए सरकार की ओर से उचित आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि इस बेबस परिवार को इस संकट की घड़ी में सहारा मिल सके।

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