बिजली संशोधन बिल, बीज बिल व मनरेगा बिल के खिलाफ BKU 4 जनवरी को निकालेगा मोटरसाइकिल मार्च
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) बिजली बिल 2025, बीज बिल 2025, निजीकरण और चार लेबर कोड रद्द करने के विरोध में संघर्ष तेज करेगा। 4 जनवरी को मोगा में मोटरसा ...और पढ़ें

भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के नेता मार्च की जानकारी देते हुए।
HighLights
BKU (लखोवाल) बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 का विरोध करेगा।
4 जनवरी को मोगा में विशाल मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा।
निजीकरण, लेबर कोड और मनरेगा बदलावों के खिलाफ भी संघर्ष।
जागरण संवाददाता, मोगा। भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) ने बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 को वापस लेने, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण तथा सरकारी व सार्वजनिक संस्थानों की जमीनें बेचने के विरोध में और चार लेबर कोड रद्द करवाने के लिए बड़े स्तर पर जन–लामबंदी कर संघर्ष तेज करने का फैसला किया गया है। ये जानकारी जिला मीत प्रधान लखवीर सिंह संधुआणा ने दी।
जिला मीडिया सचिव बलकरण सिंह ढिल्लों और दफ्तर सचिव प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बिजली को सार्वजनिक सेवा के बजाय बाजार की वस्तु बनाने की मंशा से लाए जा रहे बिजली बिल 2025 को आम लोगों के खिलाफ मोदी सरकार का एक और कॉरपोरेट–पक्षीय हमला माना जा रहा है।
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इसे वापस करवाने के लिए मोर्चे के आह्वान पर जन–लामबंदी करते हुए घर–घर संघर्ष का संदेश पहुंचाया जाएगा। इसके तहत दो–पन्नों के पर्चे बांटे जाएंगे तथा 4 जनवरी तक गांवों, कस्बों और शहरों में मोटरसाइकिल मार्च, झंडा व ढोल मार्च, ‘जागो’, रैलियां और प्रदर्शन कर जन–अभियान तेज किया जाएगा। साथ ही 16 जनवरी को बिजली विभाग के एस.ई. दफ्तरों के बाहर एक दिवसीय विशाल धरने में भी बड़े पैमाने पर भागीदारी का ऐलान किया गया है।
मार्च की समाप्ती डगरू में होगी
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) मोगा की ओर से 4 जनवरी को गांव दुन्नेके से एकत्र होकर विभिन्न गांवों से होते हुए डगरू में एकत्रीकरण किया जाएगा। यह मोटरसाइकिल मार्च पांच सदस्यीय समिति की अगुवाई में निकाला जाएगा और इसकी समाप्ति गांव डगरू में होगी। इसमें बीकेयू (लखोवाल) के मोगा ब्लॉक–2 के ब्लॉक प्रधान गुरमेल सिंह डोरोली भाई की अगुवाई में बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल–स्कूटर शामिल होंगे। यह काफिला गांवों से होते हुए मार्च करता हुआ मोगा में ही समाप्त करेगा।
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मार्च को सफल बनाने के लिए गांवों में दो–पन्नों के पर्चे, ‘जागो’, ढोल, गुरुद्वारों में अनाउंसमेंट और रैलियों के माध्यम से प्रचार किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि चार लेबर कोड रद्द करने तथा सरकारी व सार्वजनिक संस्थानों की जमीनें बेचने के विरोध में भी आवाज उठाने का निर्णय लिया गया है। बिजली संशोधन बिल और बीज बिल 2025 के खिलाफ पंजाब सरकार की चुप्पी की कड़ी आलोचना करते हुए बीकेयू (लखोवाल) के नेताओं ने इसे केंद्र सरकार के कॉरपोरेट–पक्षीय, जनविरोधी कदमों के साथ कदम मिलाने के समान बताया।
मनरेगा का भी करेंगे विरोध
चर्चा के दौरान केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को “जी राम जी” के तहत बदलने के नाम पर मनरेगा को खत्म करने की निंदा की गई और मनरेगा मजदूरों के संघर्ष का समर्थन करने की बात कही गई। इस मौके पर पूर्व सरपंच व जिला मीट प्रधान लखवीर सिंह संधुआणा, बलकरण सिंह ढिल्लों, प्रकाश सिंह दुन्नेके, जगसीर सिंह बराड़ (मोगा), सुखजीत सिंह (निधांवाला इकाई सचिव) आदि उपस्थित थे।