पंजाब के मोगा में कुत्तों ने नोच कर मार डाला, खेत से काम करके लौट रहा था मजदूर
मोगा के कपूरे गांव में खेत से लौट रहे मजदूर सरबजीत सिंह को खूंखार कुत्तों ने नोच डाला, जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीण आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान ...और पढ़ें
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पंजाब के मोगा में कुत्तों ने नोच कर मार डाला। फाइल फोटो
HighLights
कपूरे गांव में मजदूर सरबजीत सिंह की कुत्तों ने जान ली।
ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों के आतंक पर गहरा रोष जताया।
मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, समस्या के स्थायी हल की मांग।
राज कुमार राजू, मोगा। थाना मेहना के गांव कपूरे में गत रात्रि खूंखार कुत्तों द्वारा खेत से काम करके वापस लौट रहे एक मजदूर को बुरी तरह नोच डाला है। जिसकी मौका पर मौत हो गई घटना का पता सुबह परिवार को लगा तो परिवार ने सूचना पुलिस को दी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया है।
सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय सरबजीत सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी कपूरे गांव के ही एक किसान के पास मेहनत मजदूरी करता था। वह गत रात्रि खेत में फसल को पानी लगाने के लिए गया था पानी लगाने के बाद वह पैदल वापस लौट रहा था तो रास्ते में खूंखार कुत्तों के झुंड ने सरबजीत सिंह को घेर लिया और बुरी तरह नोच डाला। जिसकी मौका पर ही मौत हो गई सूचना मिलते ही शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
शव को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे गांव वासियों ने बताया कि उनके गांव में खूंखार कुत्तों का झुंड अक्सर ही लोगों को अपना शिकार बना लेता है गांव में बहुत ज्यादा गिनती में खूंखार कुत्ते घूमते हैं इससे पहले भी खूंखार कुत्तों के झुंड ने गांव के कई लोगों को अपना शिकार बना लिया यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी लगभग 6-7 लोग काट कर घायल किया जा चुके हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या का नही हो रहा समाधान
ग्रामीण गुरप्रीत सिंह कपूरे ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारें आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद पंजाब सरकार आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने में विफल रही है, जिसके कारण राज्य में पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।उनका कहना है कि प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
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सरबजीत सिंह के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए
गांव के पंचायत सदस्य जसविंदर सिंह ने इस घटना के लिए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनकी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मृतक सरबजीत सिंह के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, क्योंकि परिवार में अब कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग की है।