जानकारी के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी तथा एसडीएम कार्यालय गिद्दड़बाहा ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए यह नोटिस जारी किया है। प्रशासन का आरोप है कि चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी राजा वड़िंग क्षेत्र में चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहे।
नियमों के अनुसार नगर कौंसिल चुनाव प्रचार शाम पांच बजे बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहने की शिकायत मिली।
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प्रशासन को मिली शिकायतें
सूत्रों के अनुसार प्रशासन को इस संबंध में कुछ वीडियो फुटेज और स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों के आधार पर जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद मामले की प्राथमिक जांच शुरू की गई। प्रशासन अब वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
उधर, कांग्रेस की ओर से इस मामले में अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। राजा वड़िंग की मीडिया जनसंपर्क प्रभारी आयुषी ने कहा कि अभी तक उन्हें कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी केवल समाचार माध्यमों के जरिए मिली है। आयुषी ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने के बाद ही कांग्रेस पार्टी अपना आधिकारिक पक्ष रखेगी।
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प्रशासन ने जांच की शुरू
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के दौरान चुनाव आयोग और प्रशासन की निगरानी इस बार काफी सख्त है। चुनाव प्रचार बंद होने के बाद किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा, जनसंपर्क अभियान या वोट मांगने की गतिविधि को आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग संबंधित उम्मीदवार या नेता के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो चुनाव आयोग के नियमों के तहत आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं इस मामले ने चुनावी माहौल में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।