Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अदालतों में पसरा सन्नाटा, तीन जिलों में 1000 से ज्यादा मामलों की सुनवाई प्रभावित; वकीलों ने किया काम का बहिष्कार

    Updated: Thu, 05 Feb 2026 04:05 PM (IST)

    मुक्तसर जिला बार एसोसिएशन ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की है। वकील डिफेंस वकीलों की नियुक्ति, ग्रामीण अदालतें खोलने और दैनिक 'एक्शन प्लान' के तहत बार-बार ...और पढ़ें

    डिफेंस वकीलों की नियुक्ति व ग्रामीण अदालतें शुरू करने का विरोध (फोटो: जागरण)

    डिफेंस वकीलों की नियुक्ति व ग्रामीण अदालतें शुरू करने का विरोध (फोटो: जागरण)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। वकीलों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल की वीरवार से शुरुआत की है। आज जिले की तीनों मुक्तसर,मलोट और गिद्दड़बाहा की अदालतों में काम नहीं हुआ। वहीं मुक्तसर में वकीलों ने सरकार व न्यायिक प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया ‌है।

    जिला बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट शुभम शर्मा ने बताया कि बुधवार की शाम पांच बजे जारी किए गए रेगुलेशन जिसमें कोर्ट द्वारा केसों के 'एक्सन प्लान' के नाम पर हर दिन अगली तारीखें तय किए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना तारीखें दिए जाने से वकीलों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और न्याय प्रक्रिया की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

    दूसरा बड़ा मुद्दा देश भर में हर दो किलोमीटर के दायरे में गांव की अदालतें (ग्रामीण कोर्ट) खोलने का है। वकीलों का मानना है कि इससे मौजूदा अदालतों की भूमिका कमजोर होगी और उनके पेशे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा अदालतों में 'डिफेंस वकीलों की नियुक्ति' के फैसले का भी विरोध किया जा रहा है, क्योंकि इससे स्वतंत्र वकालत प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

    इन मुद्दों के विरोध में पांच फरवरी से सात फरवरी तक तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की गई है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल उनके हितों के लिए नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को मजबूत और संतुलित बनाए रखने के लिए है।

    खबरें और भी

    उल्लेखनीय है कि जिला मुक्तसर की तीनों अदालतों में प्रतिदिन करीब एक हजार के करीब केसों की सुनवाई होती है,जोकि हड़ताल के चलते नहीं हो सकी। मुक्तसर कोर्ट सुनसान रही। वकीलों की हड़ताल के चलते लोग अदालत में विभिन्न केसों के सिलसिले अपने वकीलों के पास नहीं आए। उधर,जिला बार एसोसिएशन का कहना है कि वह इन मुद्दों पर अपनी मांगें माने जाने तक संघर्ष करेंगे।