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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gidderbaha Bypoll Results 2024: राजा वड़िंग की पत्नी अमृता को मिली करारी हार, AAP के हरदीप डिंपी ढिल्लों इतने वोटों से जीते

    Updated: Sat, 23 Nov 2024 03:18 PM (GMT+05:30)

    Gidderbaha bypoll results 2024 पंजाब की हॉट सीट बने विधानसभा हलका गिद्दड़बाहा के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों कांग ...और पढ़ें

    Gidderbaha Bypoll Results 2024: गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी की जीत
    Gidderbaha Bypoll Results 2024: गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी की जीत

    HighLights

    1. गिद्दड़बाहा सीट से आप के हरदीप डिंपी ढिल्लों को मिली जीत
    2. हरदीप सिंह डिम्पी डिल्लों को 71198 वोट हासिल हुए
    3. कांग्रेस की उम्मीदवार अमृता वड़िंग को 49397 वोट मिले

    राजिंदर पाहड़ा, मुक्तसर। गिद्दड़बाहा सीट पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल कर ली है। आप के प्रत्याशी हरदीप सिंह डिम्पी डिल्लों को 71198 वोट हासिल हुए हैं। वहीं, कांग्रेस की उम्मीदवार अमृता वड़िंग को 49397 वोट मिले। बात करें बीजेपी उम्मीदवारों की तो मनप्रीत सिंह बादल को 12174 वोट हासिल हुए हैं। इस तरह से आप के डिम्पी ढिल्लों 21901 मतों से जीते हैं।

    डिंपी की जीत के कारण

    हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों दो बार गिद्दड़बाहा से चुनाव हारने के बाद भी हलके में रहे। हलके के लोगों एक सुख दुख में शामिल होते रहे। दो माह पहले उन्होंने शिअद को छोड़ आप ज्वाइन कर ली।

    शामिल होते ही उन्होंने हलके में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के लिए सरकार से मंजूर करवा लिए। हलके में डिंपी की अच्छी पकड़ है। शिअद के समर्थकों का भी चुनाव में डिंपी को समर्थन मिला है। वहीं राज्य में सरकार होने का भी लाभ मिला है।

    अमृता वड़िंग के हार के कारण

    कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को गिद्दड़बाहा के लोगों ने लगातार तीन बार विधायक बनाया है। लेकिन लोकसभा चुनाव में वह गिद्दड़बाहा को छोड़ कर लुधियाना से चुनाव लड़े और सांसद बने।

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    अपने स्थान पर उन्होंने अपनी पत्नी अमृता वड़िंग को टिकट दिलाया। प्रचार में पूरा जोर लगा दिया लेकिन विरोधी उन पर हलका छोड़ कर लुधियाना में चले जाने का आरोप लगाते रहे। जिसमें विरोधी कामयाब भी हुए और उनकी पत्नी अमृता वड़िंग को हार का सामना करना पड़ा।

    मनप्रीत बादल के हार का कारण 

    मनप्रीत बादल शिअद में रहते हुए गिद्दड़बाहा से चार बार विधायक रहे हैं। अंतिम बार उन्होंने गिद्दड़बाहा से 2012 में अपनी पीपीपी पार्टी से चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से हार गए थे। उसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए और 2017 में बठिंडा शहरी से चुनाव जीत गए।

    इस दौरान गिद्दड़बाहा से लगभग 12 साल तक दूरी बनाए मनप्रीत बादल को भाजपा ने गिद्दड़बाहा से टिकट देकर चुनाव में उतार दिया।

    भाजपा और मनप्रीत बादल को उम्मीद थी कि वह पहले की तरह गिद्दड़बाहा के लोगों को अपने पक्ष में कर लेंगे लेकिन हलके से सालों दूरी बनाने के बाद आए मनप्रीत को हलके के लोगों ने पूरी तरह से नकार दिया है। हलके से दूरी और भाजपा का गांवों में वोट बैंक ना के बराबर होना ही हार का मुख्य कारण बना है