डिफेंस वकील नियुक्ति और ग्रामीण अदालतों का विरोध; मुक्तसर के वकीलों की पांच दिवसीय हड़ताल शुरू
श्री मुक्तसर साहिब में वकीलों ने डिफेंस वकीलों की नियुक्ति, ग्रामीण अदालतें खोलने और केसों के 'एक्सन प्लान' के विरोध ...और पढ़ें

श्री मुक्तसर साहिब में प्रदर्शन करते हुए वकील।
HighLights
वकीलों ने डिफेंस वकील नियुक्ति और ग्रामीण अदालतों का विरोध किया।
पांच दिवसीय हड़ताल से मुक्तसर की अदालतों में कामकाज ठप।
हड़ताल से प्रतिदिन लगभग एक हजार मामले प्रभावित, जनता परेशान।
जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। डिफेंस वकीलों की नियुक्ति, ग्रामीण अदालतें खोलने और केसों के ‘एक्सन प्लान’ के विरोध में श्री मुक्तसर साहिब के वकीलों ने सोमवार से पांच दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। जिला कोर्ट के चैंबर नंबर एक में एकत्रित होकर वकीलों ने धरना दिया और सरकार व न्यायिक प्रशासन के फैसलों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। हड़ताल 23 से 27 फरवरी तक जारी रहेगी।
हड़ताल के चलते मुक्तसर, मलोट और गिद्दड़बाहा की तीनों अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। प्रतिदिन करीब एक हजार मामलों की सुनवाई होती है, जो सोमवार को नहीं हो सकी। सुबह दूर-दराज से पहुंचे कई लोगों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ी।
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तर्क: मौजूदा अदालतों की भूमिका कमजोर होगी
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धलवंत सिंह उप्पल ने बताया कि हाल ही में जारी रेगुलेशन के तहत हर दो किलोमीटर के दायरे में ग्रामीण अदालतें खोलने की योजना बनाई गई है। वकीलों का कहना है कि इससे मौजूदा अदालतों की भूमिका कमजोर होगी और वकालत पेशे पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
इसके अलावा अदालतों में ‘डिफेंस वकीलों की नियुक्ति’ के फैसले को भी बार एसोसिएशन ने विवादित बताया है। उनका तर्क है कि इससे स्वतंत्र वकालत प्रणाली प्रभावित हो सकती है और पेशे की स्वायत्तता पर सवाल खड़े होंगे।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वहीं ‘एक्सन प्लान’ के तहत रोजाना अगली तारीखें तय करने के निर्देशों को भी वकीलों ने अव्यवहारिक बताया है। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक दबाव बढ़ेगा और न्याय प्रक्रिया की गुणवत्ता प्रभावित होगी। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका दावा है कि यह संघर्ष केवल वकीलों के हित में नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के संतुलन और मजबूती के लिए है।
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