'सुखप्रीत सिंह अमर रहे...', राजौरी में बलिदान जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार; लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन में बलिदान हुए लांसनायक सुखप्रीत सिंह का गिद्दड़बाहा के पैतृक गांव बुट्टर बखूहा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गय ...और पढ़ें

बलिदानी सुखप्रीत का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार।
HighLights
लांसनायक सुखप्रीत सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से बलिदान हुए थे सुखप्रीत सिंह
नवंबर में होनी थी शादी, बहन ने माथे पर सेहरा सजाया
जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सुंदरबनी क्षेत्र में भूस्खलन में सिर पर पत्थर लगने से फिसलकर बलिदान हुए लांसनायक राइफलमैन सुखप्रीत सिंह का शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को गिद्दड़बाहा के पैतृक गांव बुट्टर बखूहा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
सूबेदार सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में सुबह सुखप्रीत सिंह का पार्थिव शारीर सेना के ट्रक में पैतृक गांव पहुंचा। जिसे देख मौके पर मौजूद पारिवारिक सदस्य एवं हर ग्रामीम की आंख नम हो गई। बिगुलरों ने मातमी धुन बजाई।

सैन्य जवानों ने हथियारों के साथ फायर कर सलामी दी। कनाडा से लौटी सुखप्रीत की छोटी बहन कमलप्रीत कौर ने अपने भाई के माथे पर सेहरा सजाया। बता दें कि नवंबर में सुखप्रीत की शादी होनी थी, मगर उसके बलिदान से परिवार की खुशियां गम में बदल गईं । बलिदानी लांस नायक के पिता कर्मजीत सिंह तथा चचेरे भाई मनदीप सिंह ने सुखप्रीत के शव को अग्नि भेंट करने की रस्म अदा की।

इस मौके प्रशासन की तरफ से एसडीएम गिद्दड़बाहा अरविंदरपाल सिंह, विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की धर्मपत्नी अमृता वड़िंग सहित बड़ी गिनती में पूर्व सैनिक तथा ग्रामीण पहुंचे और सुखप्रीत सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।