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    मुक्तसर में दर्दनाक हादसा, रेलवे ट्रैक पार करते समय डीएमयू ट्रेन की चपेट में आया युवक

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 11:04 AM (IST)

    मुक्तसर में रेलवे ट्रैक पार करते समय 25 वर्षीय अरुण कुमार की डीएमयू ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

    मुक्तसर में दर्दनाक हादसा (प्रतीकात्मक फोटो)

    मुक्तसर में दर्दनाक हादसा (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। देर रात रेलवे ट्रैक पार करना एक युवक की जान पर भारी पड़ गया। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे कोटकपूरा की तरफ से आ रही डीएमयू ट्रेन की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई।

    जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मुक्तसर की मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक की पहचान अरुण कुमार निवासी लवली कालोनी बूड़ा गुज्जर रोड के रूप में हुई है।

    मृतक की रिश्तेदार रानी के मुताबिक अरुण शादीशुदा था और उसकी एक महीने की बेटी है। वह शहर में हेयर कटिंग की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। घर में दो भाई हैं और पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। शनिवार रात काम निपटाकर अरुण पैदल ही घर लौट रहा था।

    घर जाने के लिए उसे रेलवे पटरी पार करनी पड़ती है। जैसे ही वह बूड़ा गुज्जर रोड रेलवे फाटक से करीब 200 मीटर दूर पटरी पार कर रहा था, तभी कोटकपूरा से फाजिल्का की ओर जा रही डीएमयू ट्रेन अचानक आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।

    रेलवे चौकी इंचार्ज जगमेल सिंह ने बताया कि रात साढ़े नौ बजे सूचना मिली थी कि एक युवक ट्रेन से टकरा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। मामले में जीआरपी आगे की कार्रवाई कर रही है।

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    पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

    मुक्तसर में लापरवाही से रेलवे ट्रैक पार करने के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। पिछले साल 12 अगस्त को बल्लमगढ़ रोड रेलवे फाटक के पास काम से लौट रहे तीन ट्रक ड्राइवरों को फाजिल्का-कोटकपूरा ट्रेन ने कुचल दिया था। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि एक गंभीर घायल हुआ था।

    11 सितंबर 2025 को जलालाबाद रोड फाटक के पास पटरी के बीच सो रहे एक युवक और एक बुजुर्ग के ऊपर से तेज रफ्तार ट्रेन गुजर गई थी। दोनों की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अकसर मजदूर और नशे के आदी लोग पटरी पर लेट जाते हैं।

    रेलवे अधिकारियों द्वारा उन्हें कई बार हटाया भी गया, लेकिन वे फिर लौट आते हैं। 30 अक्टूबर 2023 को भी सुबह साढ़े चार बजे रेलवे के सामान की देखरेख कर रहे दो सिक्योरिटी गार्ड कोटकपूरा से आए इंजन की चपेट में आकर मारे गए थे।