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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    राजोआना से मिलने पटियाला सेंट्रल जेल पहुंचे श्री अकाल तख्त के जत्थेदार, मुलाकात के बलवंत सिंह ने खत्म की भूख हड़ताल

    By Balwinderpal SinghEdited By: Nidhi Vinodiya
    Updated: Fri, 08 Dec 2023 05:06 PM (IST)

    जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय वफद ने सेंट्रल जेल पटियाला में भूख हड़ताल पर बैठे भाई बलवंत सिंह राजोआना ...और पढ़ें

    राजोआना से मिलने पटियाला सेंट्रल जेल पहुंचे श्री अकाल तख्त के जत्थेदार
    राजोआना से मिलने पटियाला सेंट्रल जेल पहुंचे श्री अकाल तख्त के जत्थेदार

    जागरण संवाददाता, पटियाला। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय वफद ने सेंट्रल जेल पटियाला में भूख हड़ताल पर बैठे भाई बलवंत सिंह राजोआना से मुलाकात की। वफद में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के साथ तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब भाई सुल्तान सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी शामिल थे। 

    इस बैठक के दौरान सिंह साहिबों ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब अमृतसर का पवित्र जल और अमृत सरोवर का पवित्र जल पीकर भाई बलवंत सिंह राजोआना ने भूख हड़ताल खत्म की।

    रजोआना ने कहा...

    इस बीच भाई राजोआना ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहे हैं और रहेंगे। भाई राजोआना ने यह भी कहा कि वह प्रार्थना करते हैं कि खालसा पंथ की एकता मजबूत हो।

    सिखों के प्रति उदासीनता के कारण भूख हड़ताल का लिया फैसला 

    भाई राजोआना से मुलाकात के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई राजोआना के मामले में जहां देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से फैसला लेने को कहा है, इस याचिका पर वहां भाई बलवंत सिंह राजोआना को केंद्र सरकार की सिखों के प्रति उदासीनता के कारण भूख हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

    केंद्र सरकार नहीं दे रही न्याय- रजोओना

    उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेशों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लंबे समय से भाई राजोआना की फांसी की सजा को रद्द करने के लिए कानूनी तौर पर अदालतों में व्यवस्था कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण ऐसी बाधाओं का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते भाई बलवंत सिंह राजोआना को निराशा हुई है कि उन्हें कहना पड़ा कि अगर केंद्र सरकार न्याय नहीं देती है तो उस याचिका को वापस ले लेना चाहिए।

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    केंद्र सरकार को दिया अल्टिमेटम

    कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण अब यह निर्णय लिया गया है कि खालसा पंथ सिखों के प्रति केंद्र सरकार के छिपे एजेंडे को उजागर करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय का धैर्य खत्म हो चुका है और अब श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश पर एक ऐसी कमेटी का गठन किया गया है, जो केंद्र सरकार से संपर्क करेगी। एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने भाई बलवंत सिंह राजोआना के मुद्दे पर याचिका पर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। 

    उन्होंने यह भी जानकारी साझा की कि सिख संप्रदाय, धार्मिक संगठन, निहंग संगठन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा 20 दिसंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और बंदी सिखों की रिहाई के लिए भरे गए प्रोफार्मा भारत के राष्ट्रपति को पहुंचाए जाएंगे ताकि जो कैदी जेलों में अपनी नजरबंदी की सजा पूरी कर ली है, उन सिखों को मुक्त किया जा सकता है। 

    कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई बलवंत सिंह राजोआना सिख समुदाय का विश्वास हैं और पूरा पंथ सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई लड़ेगा। इस दौरान शिरोमणि कमेटी के आंतरिक कमेटी सदस्य जत्थेदार जसमेर सिंह लाछरू, जत्थेदार जरनैल सिंह करतारपुर और जत्थेदार सतविंदर सिंह टोहड़ा, मैनेजर करनैल सिंह विर्क, उप मैनेजर जरनैल सिंह मकरोड़ साहिब, भाग सिंह चौहान, मनदीप सिंह भलवान, पलविंदर सिंह रिंकू आदि मौजूद रहे।