अब NIA करेगी शंभू रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस की जांच, मलेशिया से डिपोर्ट आरोपियों से होगी पूछताछ
शंभू रेलवे ट्रैक आइईडी विस्फोट मामले में मलेशिया से डिपोर्ट हुए मनजीत सिंह और गुरविंदर सिंह को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद एनआईए जांच अपने ...और पढ़ें
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अब NIA करेगी शंभू रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस की जांच। फाइल फोटो
HighLights
शंभू आइईडी ब्लास्ट केस की जांच अब एनआईए करेगी।
मलेशिया से डिपोर्ट दो आरोपित आज अदालत में पेश होंगे।
आरोपितों पर आतंकी फंडिंग और साजिश रचने का आरोप।
जागरण संवाददाता, पटियाला। शंभू रेलवे ट्रैक पर हुए आइईडी विस्फोट मामले में मलेशिया से डिपोर्ट हुए दोनों आरोपित आज अदालत में पेश किए जाएंगे। यहां अदालत से इन दोनों आरोपितों घनौर निवासी मनजीत सिंह व अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह को एनआइए (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) के अधिकारी अपने साथ ले जाएंगे। एनआइए की टीम ही अब इस मामले में तफ्तीश की आगे की जांच करेगी जिसमें पटियाला पुलिस की भूमिका नहीं रहेगी।
उक्त दोनों आरोपित फिलहाल पटियाला पुलिस के पास पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित लंबे समय से शंभू रेलवे ट्रैक ब्लास्ट में मारे गए तरनतारन निवासी जगरूप सिंह के बैंक खाते में लगातार धनराशि ट्रांसफर कर रहे थे। घटना से पहले भी आरोपितों द्वारा उसके खाते में बड़ी रकम भेजी गई थी। वित्तीय लेन-देन के इन सुरागों के आधार पर दोनों जांच एजेंसियों के राडार पर आ गए थे।
मलेशियाई अधिकारियों ने पूरी की कानूनी प्रक्रिया
बता दें कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को नई दिल्ली से पंजाब लाया गया और पटियाला जिला अदालत में पेश किया गया था, दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी के आधार पर मलेशिया की रायल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने की।
मलेशियाई अधिकारियों ने दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और बाद में भारत को सौंपा गया है। मलेशिया में बैठे आरोपित इस पूरी साजिश का संचालन कर रहे थे। डिपोर्ट किए गए दोनों आरोपित विदेशी खातों के माध्यम से पंजाब में सक्रिय आपरेटिवों तक आतंकी फंड पहुंचाने, हमलों की योजना तैयार करने तथा राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
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इस मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने आरपीजी लान्चर, आईईडी, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड, अत्याधुनिक पिस्तौलें और बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद किए थे। बरामद हथियारों और विस्फोटकों ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी थी, क्योंकि इससे बड़े आतंकी नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले थे।
यह था मामला
गौरतलब है कि 27 अप्रैल की रात शंभू रेलवे ट्रैक पर आइईडी लगाने की कोशिश के दौरान तरनतारन निवासी जगरूप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार वह रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक उपकरण लगाने का प्रयास कर रहा था, तभी अचानक धमाका हो गया।
इस घटना के बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त जांच शुरू की, जिसमें एक कथित खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त था।
इसका मकसद देश के विभिन्न रेलवे मार्गों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर अस्थिरता फैलाना था। विदेशों में बैठे हैंडलरों, फंडिंग चैनलों और स्थानीय आपरेटिवों के बीच बने नेटवर्क की कड़ियां लगातार सामने आ रही हैं।