Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इंडो-यूएस ट्रेड डील पर किसानों का हल्ला बोल, शंभू बॉर्डर सील; क्या बोले सरवन सिंह पंढेर?

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 09:58 AM (IST)

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों को हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर रोक दिया और हाईवे सील कर दिया। ...और पढ़ें

    इंडो-यूएस ट्रेड डील पर किसानों का हल्ला बोल (फोटो: जागरण)

    इंडो-यूएस ट्रेड डील पर किसानों का हल्ला बोल (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. पंजाब के किसान भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली रवाना।

    2. हरियाणा पुलिस ने शंभू बार्डर पर किसानों को रोका, हाईवे सील।

    3. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शांतिपूर्ण धरने और महापंचायत की घोषणा की।

    जागरण संवाददाता, पटियाला। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसान मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। शंभू बार्डर पर भारी संख्या में पहुंचे किसानों को हरियाणा पुलिस ने रोक लिया है।

    सोमवार रात से ही किसान फतेहगढ़ साहिब और खनौरी में एकत्र होना शुरू हो गए थे।मंगलवार सुबह छह बजे किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरवन सिंह पंधेर की अगुवाई में किसान बसों, जीप, मिनी बसों और निजी वाहनों से फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे।हरियाणा पुलिस ने सुबह साढ़े पांच बजे ही शंभू बार्डर पर हाईवे पर बैरिकेड लगा दोनों से तरफ से आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है।

    पंधेर ने कहा कि किसान किसी तरह का टकराव नहीं चाहते। हरियाणा सरकार ने शंभू बार्डर बंद कर दिया है, जिससे आम जनता को परेशानी होगी, इसका खेद है। यदि शंभू बॉर्डर से आगे नहीं जाने दिया गया तो किसान यहीं सड़क पर शाम चार बजे तक शांतिपूर्ण धरना देंगे।

    उन्होंने कहा कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। यह एक दिन का कार्यक्रम है। पंधेर ने कहा कि किसानों को अपने ही देश की राजधानी में शांतिपूर्ण धरना देने के लिए न जाने देना तानाशाही है। सरकार किसान नेताओं को गिरफ्तार कर दमनकारी नीति अपना रही है।

    उन्होंने कहा कि यह भी देखने लायक होगा कि संसद के मानसून सत्र में किसानों के हक में इस ट्रेड डील को रद्द करने की आवाज कौन से दल और सांसद उठाते हैं। किसानों की मुख्य आपत्ति ट्रेड डील में कृषि और डेयरी सेक्टर को शामिल किए जाने को लेकर है।

    खबरें और भी

    उन्हें आशंका है कि अमेरिका से सस्ते मक्का, सोयाबीन, कपास और डेयरी उत्पादों के आयात से घरेलू बाजार में भाव गिरेंगे और पंजाब के किसानों को भारी नुकसान होगा। किसान पहले से ही एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।