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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab News: पंजाब में टूटा रिकॉर्ड, महज एक दिन 1921 जगहों पर स्वाहा हुई पराली, CM मान का जिला सबसे आगे

    By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
    Updated: Thu, 02 Nov 2023 05:30 AM (IST)

    पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है। लगातार चार दिन से एक हजार से अधिक स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं बुधवार को 1921 पर पहुंच ...और पढ़ें

    पंजाब में एक दिन में रिकार्ड 1,921 स्थानों पर जलाई पराली।
    पंजाब में एक दिन में रिकार्ड 1,921 स्थानों पर जलाई पराली।

    HighLights

    1. लगातार चौथे दिन पराली जलाने के मामलों में हुई बढ़ोतरी
    2. सीएम के जिले संगरूर में सबसे ज्यादा जलाई गई पराली

    जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है। लगातार चार दिन से एक हजार से अधिक स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं बुधवार को 1,921 पर पहुंच गई, जो मौजूदा मौसम में सर्वाधिक है। यह एक दिन पहले स्थानों पर पराली जलाने की 1,389 घटनाओं से लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के जिले संगरूर पराली जलाने में सबसे आगे है, जहां 31 अक्टूबर को 221 जगह पराली जलाई गई।

    इन जिलों ने प्रस्तुत की मिसाल

    पराली जलाने से परहेज करके प्रदेश के कई जिलों के किसानों ने कायम की है। 31 अक्टूबर को पठानकोट में पराली जलाने का एक भी केस सामने नहीं आया। वहीं, होशियारपुर व मोहाली में 5-5, रुपनगर में 6, नवांशहर में 8 और मालेरकोटला में केवल 12 मामले दर्ज किए गए।

    राज्य की आबोहवा भी बिगड़ी

    पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं से राज्य की आबोहवा खराब हो रही है। प्रमुख शहरों अमृतसर, बठिंडा, लुधियाना में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) काफी खराब कैटेगरी में चल रहा है। बठिंडा का एक्यूआई सर्वाधिक 279 आया है, जबकि अमृतसर का 218, लुधियाना का 254 और मंडी गो¨बदगढ का 262 दर्ज किया गया है।

    पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत घटे केस

    एक दूसरा पहलू भी है। चालू धान सीजन में पिछले साल के मुकाबले अब तक पराली जलाने की घटनाओं में 46 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। इस सीजन में एक नवंबर तक राज्य में पराली जलाने की कुल 9,594 घटनाएं हुई हैं। पिछले वर्ष एक नवंबर को पराली जलाने की घटनाओं का आंकड़ा 17,846 था। इससे पहले साल 2021 में एक नवंबर तक कुल 14,920 घटनाएं हुईं थीं। इस तरह इस बार पिछले दो सीजन के मुकाबले पराली कम जलाई गई है।

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