पंजाब बिजली संकट: रोपड़ थर्मल का तीसरा यूनिट भी हुआ ठप, मात्र 120MW तक सीमित हुआ उत्पादन; बढ़ेंगी मुश्किलें!
भीषण गर्मी के बीच पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है। रोपड़ थर्मल प्लांट का तीसरा यूनिट भी ठप होने ...और पढ़ें

रोपड़ थर्मल प्लांट फाइल फोटो।
HighLights
रोपड़ थर्मल प्लांट का तीसरा यूनिट तकनीकी खराबी से बंद।
प्लांट की उत्पादन क्षमता 840 से घटकर 120 मेगावाट हुई।
भीषण गर्मी में पंजाब में बिजली संकट और गहराया।
जागरण संवाददाता, पटियाला। राज्य में भीषण गर्मी के बीच बिजली की खपत नित नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन दूसरी ओर बिजली उत्पादन व्यवस्था चरमराती दिख रही है। पटियाला से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली संकट से जूझ रहे पावरकॉम को एक और बड़ा झटका लगा है। बुधवार सुबह रोपड़ थर्मल प्लांट का एक और यूनिट तकनीकी खराबी के कारण अचानक बंद हो गया।
इस नए संकट के बाद अब रोपड़ थर्मल प्लांट के कुल चार में से तीन यूनिट पूरी तरह से ठप पड़ चुके हैं। कुल 840 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाले इस महत्वपूर्ण प्लांट से इस समय पावरकॉम को महज 120 मेगावाट बिजली ही हासिल हो पा रही है। प्लांट के अधिकांश यूनिट बंद होने से राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर बेहद बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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राहत: प्राइवेट सेक्टर के दोनों थर्मल प्लांट एक्टिव
दूसरी तरफ, राहत की बात केवल इतनी है कि प्राइवेट सेक्टर के दोनों बड़े थर्मल प्लांट, यानी राजपुरा और तलवंडी साबो, अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, सरकारी प्लांट के यूनिट बार-बार ठप होने से बिजली की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है।
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मांग तोड़ रही रिकॉर्ड
गौरतलब है कि मौजूदा सीजन में राज्य के भीतर बिजली की मांग 17,300 मेगावाट से भी ऊपर पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा राज्य के पावर सेक्टर के इतिहास में अब तक किसी एक दिन की सबसे ज्यादा मांग का नया रिकॉर्ड है।
इतनी भारी मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम को अब मुख्य रूप से सेंट्रल सेक्टर से बिजली की भारी खरीद पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अगर जल्द ही रोपड़ प्लांट के खराब यूनिट्स को ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता को लंबे पावर कट का सामना करना पड़ सकता है।
