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    भारत-US ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच, किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त; हरियाणा पुलिस तैनात

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:07 PM (IST)

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित किसान प्रदर्शन के मद्देनजर शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कई किसान नेत ...और पढ़ें

    किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त। फोटो जागरण

    किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त। फोटो जागरण

    HighLights

    1. किसान संगठनों का 21 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन प्रस्तावित।

    2. शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी, कई किसान नेता हिरासत में।

    3. किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अड़े, आम जनता को चिंता।

    गुरप्रीत धीमान, पटियाला। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न हुई ट्रेड डील के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पंजाब से दिल्ली की ओर कूच करने की तैयारी कर रहे किसान समूहों को रोकने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा का घेरा तैयार किया है।

    बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घग्गर पुल पर हरियाणा पुलिस ने बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग रखवा दी है। यातायात को बाधित होने से रोकने और किसानों के काफिलों को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने से रोकने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ-साथ जेसीबी और क्रेन जैसी भारी मशीनों की तैनाती की है। फिलहाल नेशनल हाईवे-44 को पूर्णतः सील नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

    किसान नेताओं की हिरासत और आगे की रणनीति

    प्रशासनिक कार्रवाई के तहत, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित कई प्रमुख किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। इसके अतिरिक्त, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। आज देर रात होने वाली सरकारी अधिकारियों और किसान नेताओं की बैठक हो सकती है।

    किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करवाने पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ है, न कि हरियाणा सरकार या पुलिस के विरुद्ध। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें रोका गया, तो किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे और हरियाणा पुलिस के साथ किसी भी प्रकार का टकराव नहीं होगा।

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    आम जनता के लिए चिंता

    यदि शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से बंद किया जाता है, तो राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। पिछले आंदोलनों के अनुभवों को देखते हुए, यातायात के वैकल्पिक मार्गों (जैसे घनौर के ग्रामीण मार्ग) पर भारी दबाव बढ़ने और सड़कों की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों की आशंका बनी हुई है।